जुलाना। जुलाना खंड के गांव किलाजफरगढ़ में स्थित जींद रियासत के राजा स्वरूप सिंह के पुराने किले का नवीनीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से चल रहा हैं। इस परियोजना पर करीब 4.25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कार्य करीब डेढ़ साल में पूरा होगा।
पहले चरण में बाहरी और आंतरिक दिवारों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा हैं। किले के नवीनीकरण में लखोरी ईटें, पत्थर और चूने का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही किले के परिसर में एक परिचर कक्ष (गैलरी) का भी निर्माण किया जा रहा है।
यह किला न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता हैं। वर्षों से उपेक्षा के चलते यह किला खंडहर में तब्दील होता जा रहा था लेकिन अब युद्ध स्तर पर चल रहे किले के नवीनीकरण के कार्य से लोगों में खुशी का माहौल बना हुआ है।
1854 में राजा स्वरूप सिंह ने करवाया था किले का निर्माण
मास्टर रामनिवास, राजबीर, दलबीर पौडिया, कुलदीप पूर्व सरपंच, नवीन पौडिया, मनीष सहरावत, सुदेश सहरावत, सुमित ने बताया कि यह किला हमारे इतिहास की पहचान है। वर्षों से इसकी अनदेखी हो रही थी। अब सरकार ने इसे सहेजने का काम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि जींद रियासत की सुरक्षा के लिए किले का निर्माण वर्ष 1854 में जींद के राजा स्वरूप सिंह ने करवाया था। अंग्रेजी हकुमत ने नए नियम बना दिए थे। उस समय बड़े गांव लिजवाना कलां के लोगों ने इसका विरोध किया था। लोगों के विरोध को दबाने के लिए जींद रियासत के तत्कालीन राजा स्वरूप सिंह ने जींद-रोहतक मार्ग पर जफरगढ़ नामक किले की स्थापना की। बाद में इस किले के नाम से ही गांव का नाम किलाजफरगढ़ रखा गया।
पुरातत्व विभाग की निगरानी में होगा रहा कार्य
किले के जीर्णोद्धार का कार्य हरियाणा सरकार के पुरातत्व विभाग की देखरेख में किया जा रहा है। कार्य में पारंपरिक वास्तुकला का ध्यान रखा जाएगा और जो संरचनाएं अब भी मूल रूप में मौजूद हैं उन्हें संरक्षित किया जाएगा।
वर्जन
किले के जीर्णोद्धार का कार्य सरकार के पुरातत्व विभाग की देखरेख में किया जा रहा है। फिलहाल फर्श और दीवारों की रिपेयरिंग का 40 प्रतिशत कार्य हो चुका हैं। यह कार्य लगभग डेढ़ साल में पूरा किया जाएगा।
-रोहित, साइट सुपरवाइजर।
वर्जन
पुरातत्व विभाग की ओर से किले के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा हैं। इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें पानी के प्याऊ, आतंरिक संरचना, पर्यटक टिकट काउंटर आदि का निर्माण किया जाएगा। यह एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।
-हरदीप, सरपंच गांव किलाजफरगढ़।