जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के अंतर्गत गांव जाजवान में नशा उन्मूलन और जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सुशील शर्मा एमपीएचडब्ल्यू ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
सुशील शर्मा ने बताया कि नशा केवल शराब तक सीमित नहीं है बल्कि इसके कई रूप हैं। इनमें शराब, बीड़ी सिगरेट, तंबाकू, गुटखा, खैनी, पान मसाला जैसे नशे शामिल हैं। इसके अलावा स्मैक, चरस, गांजा, अफीम, हेरोइन जैसे मादक पदार्थ घातक होते हैं। आज के समय में कुछ लोग नशीली दवाइयों, सिरप, इंजेक्शन और गोलियों का भी गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि नशे के सेवन से लीवर, फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नशे की लत व्यक्ति को मानसिक तनाव, अवसाद और हिंसक व्यवहार की ओर धकेल देती है। इससे पारिवारिक कलह बढ़ती है और आर्थिक स्थिति भी बिगड़ जाती है। नशा केवल व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की समस्या है। नशे के कारण अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
युवाओं से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों को अपनाएं। उन्होंने नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध नशा मुक्ति केंद्रों और परामर्श सेवाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुकेश, धर्मबीर, प्रकाश, रणबीर, मेवा और सतबीर मौजूद रहे ।