संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के एसोसिएट प्रोफेसर अनुपम भाटिया से व्हाट्स एप कॉल कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपी को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनसे रंगदारी उनके साथ पूर्व में कार्य कर चुके गेस्ट फैकल्टी प्राध्यापक ने मांगी थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी बोला- उसकी रंगदारी मांगने के पीछे कोई रंजिश नहीं थी, बल्कि उन्हें मजाक-मजाक में व्हाटसएप कॉल कर रंगदारी मांग ली। बुधवार को पुलिस ने आरोपी पूर्व गेस्ट प्राध्यापक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सीआरएसयू के एसोसिएट प्रोफेसर हाउसिंग बोर्ड निवासी अनुपम भाटिया ने 29 जुलाई को सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 28 जुलाई की रात उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्स एप कॉल आई। कॉल करने वाले ने उनसे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। राशि न दिए जाने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। अनुपम भाटिया द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबर के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जब जांच को आगे बढ़ाया तो अबोहर (पंजाब) निवासी हरप्रताप का नाम सामने आया।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हरप्रताप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया कि हरप्रताप वर्ष 2018 में गेस्ट फैकल्टी प्राध्यापक के तौर पर सीआरएसयू में पढ़ाता था। उस दौरान अनुपम भाटिया भी सीआरएसयू में थे। बाद में हरप्रताप सीआरएसयू को छोड़कर चला गया था। उसी दौरान की टशनबाजी को जोड़कर मामले को देखा जा रहा है।
रंगदारी मांगने का आरोपी पूर्व में सीआरएसयू में गेस्ट फैकल्टी प्राध्यापक रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मजाक-मजाक में रंगदारी मांगी थी। उनकी अनुपम भाटिया से कोई रंजिश नहीं है।
-दीवान सिंह, प्रभारी, सिविल लाइन पुलिस थाना जींद।