09जेएनडी34-तहसील कार्यालय में धरने पर बैठे किसान। संवाद
नरवाना। तहसील कार्यालय में संयुक्त किसान मोर्चे का धरना मास्टर बलबीर सिंह के नेतृत्व में 1147 वें दिन भी जारी रहा। मास्टर बलजीत सिंह मांडी ने मंच साझा करते हुए कहा कि जहां मुगल काल में किसानों से फसलों का 1/3 भाग लगान के रूप में वसूला जाता था, परंतु 1921 में अंग्रेज द्वारा किसानों से फ सलों का 73 प्रतिशत की दर से मालगुजारी वसूल की जाती थी।
महमूद गजनवी भारत से जितना धन 18 बार के आक्रमणों से लूट कर ले गया था, उतना धन तो अंग्रेज एक साल में लुट कर इंग्लैंड पहुंचा देते थे। मौजूदा सरकार किसान और किसानी को बर्बाद करने के लिए हर प्रकार के हथकंडे का प्रयोग कर रही है। इससे किसानों की एकता ही उन्हें बचा सकता है। इसलिए किसान सभा के कार्यक्रमों को हर गांव और हर घर तक पहुंचाना होगा।
धरने पर बलदेव सिंह, रामधारी सिंह, सुरजन, मांगेराम, सतबीर खरल, शीशपाल, राजेश ढाकल, हवा सिंह, फतेह सिंह, सतबीर फौजी, सतबीर, चंद्रभान, महेंद्र सिंह धर्मगढ़, गंगा सिंह, निहाल, बलजिंदर, शमशेर सिंह, बदन सिंह, प्रताप और रत्न भी मौजूद रहे।