फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच सदस्यीय कमेटी घर-घर जाकर पेगां पैक्स मामले की करेगी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
पेगां पैक्स में संडील गांव के लोगों के बंद खातों से नकदी का लेनदेन और खाद जारी करने के फर्जीवाड़े में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। जिस जांच टीम को सात दिन में रिपोर्ट देने की बात कही गई थी वह अभी तक सभी पीड़ियों के बयान नहीं दर्ज कर पाई है। शुरू से ही इस मामले में अधिकारी लीपापोती में लगे हैं। गौरतलब है कि इस मामले की जांच तीन निरीक्षक तथा दो उपनिरीक्षकों को दी गई है।
विज्ञापन

12 दिन पहले 21 दिसंबर को संडील गांव के किसानों ने यह मामला उजागर किया था। इसके बाद पहले तो अधिकारी जांच में ही टालमटोल करते रहे, लेकिन किसानों की बार-बार मांग पर जांच शुरू की गई। इसमें संडील गांव के 116 किसान अपने खातों में इस प्रकार के लेनदेन का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन 12 दिन बीतने के बाद भी सिर्फ 80 किसानों के ही बयान दर्ज हुए हैं। अब इस मामले को लेकर सोमवार को निरीक्षक सतपाल हुड्डा के नेतृत्व में कमेटी किसानों के घर-घर जाकर बयान दर्ज करेगी।
अधिकारी जता रहे हैं घोटाले की आशंका
पैक्स से इस प्रकार अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा अपनी मर्जी से किसानों के खातों से पैसे व खाद लेने के मामले में अब तक 80 किसानों के बयान दर्ज हुए हैं। अनौपचारिक रूप से जांच टीम इसमें प्रथम दृष्टि से घोटाले की आशंका जता रही है।
विज्ञापन

टीम हर एंगल से कर रही जांच
जांच अधिकारी मुकेश कादियान ने बताया कि संडील गांव में 116 किसानों के खाते हैं। हर खाते को खंगालने के लिए टीम को काफी समय लगता है। इसमें टीम द्वारा 80 किसानों के खातों की जांच करने का काम शुरू कर दिया है। बाकी किसान खातों के मामले में सोमवार को निरीक्षक सतपाल हुड्डा के नेतृत्व में तीन निरीक्षक तथा दो उप निरीक्षकों की टीम गांव में किसानों के घर पहुंचकर मामले को लेकर जांच शुरू करेगी। टीम हर एंगल से जांच करके बुधवार को जांच रिपोर्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।
बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी हो जांच
संडील गांव के किसानों का कहना है कि इस मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच होनी चाहिए। किसानों ने इस मामले में अमर उजाला टीम के समक्ष दी जींद सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक के नाम भी बताए, जो मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि इन अधिकारियों की इस मामले में मिलीभगत हो सकती है। ऐसे में यदि जांच सही तरीके से की जाए तो बड़े अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें