बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए आयु की जांच करवाने के लिए खूब धक्कामुक्की हुई। यह शिविर उन बुजुर्गों की आयु जांच के लिए लगाया गया था, जिनकी आयु 60 साल से ऊपर हो चुकी है, लेकिन उनके पास अपनी आयु से संबंधित कोई प्रमाण पत्र नहीं है। बुजुर्गों के लिए शुक्रवार को तीन महीने बाद आयु जांच शिविर लगाया गया तो इसमें बुजुर्गों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिविर में जींद, जुलाना, पिल्लूखेड़ा व सफीदों के 960 बुुजुर्गों ने भाग लिया। चिकित्सकों द्वारा बुजुर्गों के शारीरिक ढांचे को देख उनकी आयु का आंकलन किया गया।
आयु जांच के लिए शुक्रवार सुबह सात बजे ही बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग कार्यालय आने शुरू हो गए थे। विभाग ने यह व्यवस्था बनाई थी कि आवेदक को फार्म एक जगह से लेने के बाद भरकर दूसरी जगह जमा करना पड़ रहा था। इसके बाद मेडिकल के लिए तीसरी जगह जाना पड़ रहा था। ऐसा इसलिए किया गया था कि भीड़ एक जगह न उमड़े, लेकिन चिकित्सकों की टीम के देर से आने के कारण पूरी व्यवस्था बिगड़ गई। अंत में सभी कार्य तो ठीक हुए, लेकिन मेडिकल के लिए लाइन लंबी होती चली गई। दोपहर बाद तो भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि व्यवस्था बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मचारियों को बुलाना पड़ा। पहले अंत्योदय सरल केंद्र के भवन के बाहर मेडिकल किए गए। वहां पर अव्यवस्था ज्यादा हुई तो बीडीपीओ कार्यालय के हॉल में मेडिकल करने पड़े।
आज होंगे नरवाना, उचाना और अलेवा खंड के बुजुर्गों की जांच
शुक्रवार को पहले दिन जींद जुलाना, सफीदों, पिल्लूखेड़ा खंड के बुजुर्गों ने आयु की जांच करवाई। इतनी भीड़ के चलते जहां बुजुर्ग दिनभर लाइन में धक्कामुक्की करते रहे, वहीं शनिवार को उचाना, नरवाना, उझाना और अलेवा ब्लॉक के बुजुर्गों की आयु जांची जाएगी।