जींद। क्षेत्र के गांव टीटो खेड़ी में बुधवार को ग्राम सभा की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में पंचायती जमीन पर कब्जे को लेकर दावे और आपत्तियां लोगों से ली गईं। वहीं बैठक में कुछ ग्रामीणों ने सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों पर पंचायती जमीन पर कब्जे को लेकर धांधली करने के आरोप भी लगाए।
प्रदेश सरकार के द्वारा पंचायती जमीन पर 2004 से लोगों के कब्जे को लेकर गांव के सरपंचों व संबंधित अधिकारियों को गांव में बैठक करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में वर्ष 2004 या उससे पहले किए गए कब्जों को कलेक्टर रेट से डेढ़ गुणा पैसे लेकर जमीन को ग्रामीणों के नाम करने का नियम पारित किया गया है।
बैठक में 15 आवेदन आए उनमें से चार आवेदनों पर लोगों की दावे व आपत्तियां दर्ज कराई गईं। वहीं बैठक में गांव के लोगों ने सरपंच सहित ग्राम सचिव पर ग्रामीणों के साथ मिलकर जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने के आरोप लगाए। गांव के नंबरदार संदीप ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच मीनाक्षी के ससुर ने खुद जलघर की दीवार को तोड़कर अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर रखा है जहां पर वह पशुओं के लिए चारा उगाते हैं। यह सब सरपंच व ग्राम सचिव की मिलीभगत से हो रहा है।
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15 लोगों ने पत्र विभाग में जमा कराए थे
ग्राम सचिव सफीदों मनीषा का कहना है कि गांव में पंचायती जमीन को नाम कराने के लिए सरकार ने निर्देश जारी किए हैं जिन लोगों का 2004 से जमीन पर कब्जा है उन लोगों के प्रार्थना पत्र लिए गए है। 15 लोगों ने पत्र विभाग में जमा कराए थे जिनको लेकर तीसरी बार बैठक हुई है। प्रथम बैठक में 40 प्रतिशत कोरम, दूसरी में 30 प्रतिशत कोरम और बैठक में 20 प्रतिशत कोरम होने के आदेश दिए थे। बैठक में 4 प्रार्थना पत्रों पर दावे एवं आपत्तियां ग्रामीणों से ली गई जिससे सरकार के पास भेजा जाएगा। पंचायती जमीन को कलेक्टर रेट से डेढ़ गुणा अधिक भुगतान ग्रामीणों द्वारा किए जाने पर उसके नाम जमीन कराने का प्रावधान है। उनपर सरपंच के साथ मिलकर जमीन पर जबरन कब्जा कराए जाने के आरोप बेबुनियाद है, उन्होंने किसी ग्रामीण से कोई मिलीभगत नहीं की है, जो ग्रामीणों ने कागज दिए हैं, उनके हिसाब से विभाग काम कर रहा है।
वर्जन
जिन ग्रामीणों ने 2004 से पहले पंचायती जमीन पर कब्जे किया है उन्हींं के प्रार्थना पत्र लिए गए हैं। उन्होंने अपनी तरफ से किसी प्रकार का कोई कब्जा नहीं करवाया है। यह कार्य सरकार के अधीन है। जहां तक जलघर की जमीन पर उनके ससुर द्वारा कब्जा किए जाने की बात है तो वह इस बारे में कुछ नहीं जानती। ससुर की पीपीपी आईडी अलग है। विभाग अपने स्तर पर जांच करेगा।-मीनाक्षी, सरपंच गांव टीटो खेड़ी।
18जेएनडी19: ग्रामीणों की दावे-आपत्तियां दर्ज कराते हुए ग्राम सचिव मनीषा। ग्रामीण