जींद। इस बार चीनी मिल का पेराई सत्र मुश्किलों के बीच 17 नवंबर से शुरू होगा। प्रदेश भर में चीनी मिल कर्मचारी आंदोलन पर हैं। ऐसे में यदि मिल शुरू होने के बाद बंद करना पड़ गया तो इससे किसानों व मिल प्रबंधकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार को कैथल में भी चीनी मिल के शुभारंभ पर कर्मचारियों ने विरोध किया था। हालांकि मिल का शुभारंभ हो गया लेकिन 20 नवंबर तक कर्मचारियों की मांगों पर सहमति नहीं हुई तो 21 नवंबर को कर्मचारी हड़ताल करके सहकारिता दिवस मनाएंगे।
जिले में इस बार 16 हजार एकड़ में गन्ने की खेती हुई है। प्रतिदिन 17 हजार 500 क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। जिले में लगभग इस बार 35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करनी है। यदि मिल निर्बाध रूप से चलता रहा तो मई के अंतिम सप्ताह तक ही इतने गन्ने की पेराई हो सकती है। यदि बीच में बाधा आ गई तो फिर जुलाई तक भी मिल चलाना पड़ सकता है। इससे किसानों का सारा गन्ना समय पर मिल नहीं पहुंच पाएगा। चीनी मिल की क्षमता 22 हजार क्विंटल प्रतिदिन करने की इस बार भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। अगले सत्र से मिल की क्षमता बढ़ जाएगी। पिछले वर्ष 27 लाख 50 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी। इस बार गन्ने का रकबा लगभग तीन हजार एकड़ में बढ़ गया है। पिछले वर्ष अढ़ाई लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था, जो इस बार तीन लाख के आसपास पहुंच जाएगा। इसलिए मिल इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा दिन तक चलेगा।
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मांगे पूरी नहीं की गईं तो मिल करेंगे बंद : धीमान
हरियाणा शुगर मिल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव कृष्ण धीमान ने कहा कि प्रदेश की मिलों में कार्यरत पक्के कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सातवें वेतन का एरियर एक जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए, लेकिन नहीं दिया जा रहा। 2019 के बाद किसी प्रकार की वेतन बढ़ोतरी नहीं की गई है। 35 वर्षों से कार्यरत 593 कर्मचारियों को आज तक नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों का पूरा करने का आश्वासन दिया है। 20 नवंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो 21 नवंबर को सहकारिता दिवस पर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इसमें मिल में हड़ताल भी हो सकती है।
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सभी प्रकार की तैयारियां हो चुकी हैं। कर्मचारी नेताओं से भी बात हुई है। 17 नवंबर से मिल का शुभारंभ हो जाएगा। अपने कर्मचारियों पर पूर्ण विश्वास है कि वह मिल चलाने में सहयोग जारी रखेंगे। यदि इसके बावजूद भी कोई परेशानी हुई तो उससे निपट लिया जाएगा।-प्रवीण कुमार, निदेशक, शुगर मिल, जींद