संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नगर परिषद ने अहम कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अब जींद शहर का हर प्रमुख चौक, चौराहा, बाजार और कॉलोनियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगी। महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नगर परिषद की ओर से शहर में कैमरे लगाने के लिए प्वाइंटों की सूची तैयार की जा रही है। आरएसपी (रिक्वेस्ट फॉर सैंक्शन/प्रोजेक्ट) तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। योजना को धरातल पर लाने के लिए डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने निर्देश दिए थे। इसके बाद यह योजना गति में आई है। उन्होंने शहर में बढ़ती आबादी, यातायात दबाव और आपराधिक घटनाओं को देखते हुए आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए थे।
वर्तमान में शहर की सुरक्षा व्यवस्था काफी हद तक व्यापारियों और निजी संस्थानों की ओर से लगाए गए कैमरों पर निर्भर है। इससे पुलिस और प्रशासन को सीमित क्षेत्रों में ही फुटेज उपलब्ध हो पाता है।
शहर में करीब एक दर्जन से अधिक मुख्य चौक व चौराहे हैं। जिनमें परशुराम चौक, गोहाना रोड, सफीदों रोड, पटियाला चौक, जुलाना रोड, रोहतक रोड जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। इसके अलावा शहर के मुख्य बाजार, जैसे पुराना बाजार, नया बाजार, सब्जी मंडी क्षेत्र और व्यावसायिक हब में भी हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे।
सिर्फ इतना ही नहीं, अर्बन एरिया और आवासीय कॉलोनियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है ताकि चोरी, झपटमारी, वाहन चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। शहर में कई स्थानों पर फिलहाल भी कैमरे चले हुए हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर नहीं हैं।
कैमरों से होंगे ये बड़े लाभ
सीसीटीवी कैमरे लगने से शहर को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा इससे अपराधों पर नियंत्रण पुरी तरह से होगा। कैमरों की मौजूदगी से अपराधियों में डर रहेगा, इससे चोरी, लूट, छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी। किसी भी घटना के बाद फुटेज मिलने से पुलिस को जांच में आसानी होगी और अपराधियों की पहचान जल्दी हो सकेगी। चौक-चौराहों पर कैमरे लगने से ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ेगा। जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। बाजारों और कॉलोनियों में कैमरे होने से महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। दुर्घटना, झगड़े या किसी आपात स्थिति में तुरंत फुटेज के आधार पर कार्रवाई संभव होगी।
स्मार्ट सिटी की ओर कदम
यह योजना जींद को स्मार्ट और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से कैमरों की निगरानी की जाएगी, जहां से पुलिस और प्रशासन को रियल टाइम जानकारी मिलेगी।
लंबे समय से शहर में सरकारी स्तर पर सीसीटीवी नेटवर्क की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। योजना के लागू होने के बाद न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि शहर में कानून व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में शहर का हर चप्पा सीसीटीवी की नजर में होगा और अपराधियों के लिए शहर में छिपना भी आसान नहीं रहेगा। योजना को आरएसपी के लिए मुख्यालय भेजा हुआ है।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद।