जींद। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रवैये के बाद जिला प्रशासन वायु प्रदूषण को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। पिछले दस दिन से जिले में एक्यूआई 400 से अधिक होने के बावजूद अधिकारियाें ने कोई सख्त रुख नहीं अपनाया। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद मोहम्मद इमरान रजा ने अधिकारियों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के नियमों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए। जिले में एक्यूआई बुधवार को 406 दर्ज किया गया। इससे यहां ग्रैप स्टेज चार को लागू कर दिया गया है। इसके तहत डीजल के जनरेटर सेट चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं डीसी ने मंगलवार से सरकारी व निजी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद 50 प्रतिशत स्कूल खुले रहे। इससे डीसी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
डीसी ने अधिकारियों को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि त्योहार के सीजन में जाम की स्थिति नहीं बनें। ऑटो चालकों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए जो ऑटो नियमों पर खरे हों वही चल सकें। उन्होंने कहा सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने, शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति करवाने के निर्देश दिए ताकि जनरेट सेट बंद रहे और वायु प्रदूषण में कुछ आए। डीसी के ऐसे निर्देशों के बावजूद जिले में ऑटो धड़ल्ले से चल रहे हैं। इसके अलावा पेट्रोल के वाहन 15 साल पुराने तथा डीजल के वाहन 10 साल पुराने हों तो उनके चालान के निर्देश दिए।
बच्चे, बुजुर्ग व बीमार को घर रहने की सलाह
डीसी ने वायु प्रदूषण अधिक होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों व किसी भी गंभीर बीमारी खासकर सांस, दिल के मरीज लोगों को घराें के अंदर ही रहने की सलाह दी है। इन लोगों को उन्होंने खुले में आयोजित होने वाली गतिविधियों से दूर रहने की भी सलाह दी है। इसके आलावा लोगों से अपील की है कि यदि वह घर से बाहर निकलें तो मास्क लगाकर ही निकलें।
जनता से भी अपील
डीसी ने वाहन चालकों से अपने वाहनों के टायरों में उचित हवा का दबाव रखना, वाहनों की प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र को अपडेट रखना, बिना आवश्यक कार्य वाहन को नहीं चलाना, रेड लाइट पर इंजन बंद करना, हाइब्रिड वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग करना, खुले स्थानों पर कचरा न डालना, वायु प्रदूषण नहीं फैलाने, ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाना, त्योहार पर पटाखे नहीं जलाकर इको-फ्रेंडली तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।
खुले रहे 50 प्रतिशत प्राइमरी स्कूल, चल रहा निर्माण कार्य
जिले में प्राइमरी स्कूलों को बंद रखने के निर्देश डीसी ने जारी किए हैं। इसके बावजूद 50 प्रतिशत निजी स्कूल बुधवार को भी खुले रहे। वहीं कई स्थानों पर निर्माण कार्य भी लगातार जारी है।