पाइपों की गाद निकालने के बाद वापस लगाते नगर परिषद कर्मचारी। संवाद
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जींद। शहर की शान कहे जाने वाले रानी तालाब में मंगलवार को पानी छोड़ दिया गया। जेडी-सात के नीचे जो वाटर चैनल है, उसकी नगर परिषद ने मंगलवार को जेसीबी के माध्यम से गाद निकाल दी। अब यह वाटर चैनल साफ हो गया है। इसके बाद रानी तालाब में पानी छोड़ दिया गया। रानी तालाब की पहचान पानी से ही है। पानी के बीच में भूतेश्वर मंदिर है, जिस कारण इसकी पहचान बनी हुई है।
रानी तालाब का ऐतिहासिक महत्व है। जहां प्राचीन भूतेश्वर मंदिर भी बना हुआ है। रानी तालाब में नहरी पानी भरने के लिए वाटर चैनल बनाया गया है। इसकी लंबे समय से सफाई नहीं हुई थी और गाद जमने की वजह से कम पानी आ रहा था। हांसी ब्रांच नहर में एक सप्ताह पानी आता है, इस दौरान रानी तालाब में पर्याप्त पानी नहीं भर पाता। जींद सुधार टीम के सदस्य सुनील वशिष्ठ और अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से वाटर चैनल की सफाई कराने की मांग की थी। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए नगर परिषद टीम को वाटर चैनल साफ करने के आदेश दिए थे। नगर परिषद की तरफ से दो जेसीबी लगवा कर हांसी ब्रांच नहर, जहां से पानी छोड़ा जाता है, वहां से वाटर चैनल से गाद निकालना शुरू किया। करीब तीन किलोमीटर लंबा वाटर चैनल है, करीब आधे की गाद निकाली जाती है। सेक्टरों से आगे गोहाना रोड तक वाटर चैनल में गाद कम है, जो पानी के बहाव के साथ साफ हो सकती है। हांसी ब्रांच नहर में पानी आ गया है और एक सप्ताह पानी चलेगा। इसलिए वाटर चैनल में पानी छोड़ दिया गया है। अगर जरूरत पड़ती है, तो नहर में पानी बंद होने के बाद वाटर चैनल के बचे हुए हिस्से की सफाई कराई जाएगी।
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने वाटर चैनल की सफाई करने के निर्देश दिए थे। इसपर कार्रवाई करते हुए नगर परिषद ने वाटर चैनल में जमी गाद निकलवा दी है। गाद होने की वजह से पानी काफी कम आ रहा था। अब गाद निकाल दी गई है, जिससे वाटर चैनल में पूरा पानी आएगा। जल्द ही रानी तालाब में पर्याप्त पानी भरा जाएगा।
-सतीश गर्ग, एक्सईएन नगर परिषद।