नरवाना/जींद। बिनैण खाप के प्रधान रघुवीर सिंह नैन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंंत्री नरवाना तो आए लेकिन किसी भी बाढ़ प्रभावित गांव का दौरा नहीं किया। बलियाला हैड पर फोटो खिंचवाकर वापस लौट गए। मुख्यमंत्री ने नरवाना को पिकनिक स्पॉट समझ लिया।
यह बात उन्होंने रविवार को नरवाना के हरियल पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मूसलधार बारिश ने अब तक का सबसे बड़ा संकट खड़ा किया है। जिले के नरवाना क्षेत्र और आसपास के गांवों में हालात इतने खराब हैं कि आज भी खेतों में चार-चार फीट पानी जमा है। फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और रबी की बुवाई भी मुश्किल में फंस गई है।
उन्होंने कहा कि सैकड़ों किसान और ग्रामीण बाढ़ की वजह से भुखमरी और बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस्माइलपुर, फरैण, कलोदा, भिखेवाला, दनोदा, सैथली, लितानी और हसनगढ़ जैसे गांवों में न केवल फसलें तबाह हुई हैं बल्कि मकान तक गिर गए।
खाप प्रधान ने कहा आज के समय में एक छोटा मकान बनाने में भी पांच लाख रुपये लगते हैं। इनके घर पूरी तरह से टूट चुके हैं। उनके पास न तो रहने की जगह है और न ही कोई अस्थाई आश्रय। सरकार सिर्फ ड्रोन सर्वे की बातें कर रही हैं। जमीनी हकीकत देखने कोई नहीं आया।
इस अवसर पर उप प्रधान भगत सिंह नैन, राममेहर कैशियर, बलजीत सिंह फौजी, महामंत्री डॉ. प्रीतम सिंह , प्रधान धमतान तपा, भगत सिंह कन्हडी, प्रवक्ता संदीप हरियाणा मौजूद रहे।
पीएम से लेकर सीएम तक उठाए सवाल
रघुवीर नैन ने कहा कि मुख्यमंंत्री किसान पुत्र होने के बावजूद वह किसानों का दर्द नहीं समझ पाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठे। नैन ने कहा कि अब तक पीएम ने न दौरा किया, न राहत पैकेज दिया। कम से कम हरियाणा का एक सर्वे तो होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से घोषित 3.26 करोड़ रुपये की राशि ऊंट के मुंह में जीरे जैसी है। इससे तो एक गांव भी नहीं संभल सकता।
20 सितंबर को सर्वजातीय महापंचायत
खाप प्रधान रघुवीर नैन ने ऐलान करते हुए कहा कि अगर सरकार ने बाढ़ पीड़ितों किसानों की फसलों के मुआवजे को लेकर तुरंत कदम नहीं उठाए तो 20 सितंबर को बिनैण खाप के चबूतरे पर सर्वजातीय महापंचायत बुलाई जाएगी। इसमें प्रदेशभर की खाप पंचायतें, किसान और मजदूर जुटेंगे और बड़ा फैसला लेंगे।
–खाप की मांग
प्रति एकड़ 75 हजार रुपये का मुआवजा किसानों को मिले।
जिनके मकान ढह गए हैं उन्हें 5 से 25 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाए।
तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए।