गांव डूमरखां कला के पास कैंची मोड़ पर शुक्रवार को सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने शव को दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने इस मामले में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई, नौकरी व मुआवजे की मांग की। मौके पर पहुंचे डीएसपी रवि खुंडिया ने जांच का आश्वासन देकर तीन घंटे बाद जाम खुलवाया। इसके बाद ही परिजन घर लौटे और शवों का अंतिम संस्कार किया।
बता दें कि बाबा कुंडी नरवाना निवासी 45 वर्षीय सावित्री, उसकी बेटी चांदनी, 42 वर्षीय निर्मला व उसकी बेटी कोमल शुक्रवार को आईटीआई डूमरखां में दाखिले को लेकर आई थी। चारों वहां से लौट रही थी। डूमरखां कलां के निकट कैंची मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर एक फिर स्विफ्ट कार से टक्कर मारते हुए सड़क किनारे खड़ी दोनों युवतियों तथा दोनों महिलाओं को रौंदते हुए निकल गई। इसमें महिला सावित्री व निर्मला की मौत हो गई। शनिवार को दोनों शवों का नागरिक अस्पताल नरवाना में पोस्टमार्टम करके परिजनों को सौंप दिए। इसके बाद परिजन विश्वकर्मा चौक पर पहुंचे और यहां दिल्ली-पटियाला मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब चालक का पता था तो पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला क्यों दर्ज किया। इसके अलावा परिजनों ने नौकरी व मुआवजे की मांग की। परिजनों ने मांग की कि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की जाए। जाम की सूचना मिलने के बाद जींद से डीएसपी रवि खुंडिया मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने पूरे मामले की जांच करने और जल्द आरोपी चालक को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मुआवजे व नौकरी के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। सुबह 11 बजे लगे जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग गई। काफी वाहन अन्य रास्तों से निकाले गए। दो बजे परिजनों ने डीएसपी से आश्वासन मिलने के बाद जाम खोला।