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Jind News: नहरों का सूखा पानी, सूखेंगे कंठ

Thu, 01 May 2025 02:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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30जेएनडी35: नरवाना में नहर से पानी निकालने के लिए रखे गए पंपसेट। संवाद
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जींद। जिले में गर्मी का मौसम आते ही पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इसको लेकर नरवाना में एक दिन पहले ही लोगों ने सड़क जाम की थी। अब जिले से गुजरने वाली दो नहरों में से एक में पानी बंद है तो दूसरी में 1500 की बजाए 350 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। अब गांवों के 50 से ज्यादा जलघरों में पानी कुछ ही समय का बचा है। वह भी तीसरे दिन पानी की सप्लाई की जा रही है। इसके कारण गांवों में पानी की किल्लत बनी हुई है।
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गांव ही नहीं अगर बात शहर के सेक्टरों की जाए तो इनमें भी 10 दिन का पानी ही बकाया है। अभी मई की शुरुआत हुई है, लेकिन गर्मी अधिक बढ़ने पर जनस्वास्थ्य विभाग के लिए गांव व शहराें में पानी उपलब्ध करवाना चुनौती बनेगी। नरवाना से गुजरने वाली बरवाला ब्रांच में पानी घट गया है। इस नहर में जहां 1500 क्यूसेक पानी आता था। अब इसमें 350 क्यूसेक पानी आ रहा है। ऐसे में कई गांव में पेजयल की समस्या पैदा हो गई है।
वहीं जींद शहर से गुजरने वाली हांसी ब्रांच पांच दिन पहले बंद हो गई थी, जिसमें अब पानी 21 मई को आएगा। हालांकि शहर के 6 सेक्टरों में फिलहाल 10 दिन का पानी बचा हुआ है। पानी की बर्बादी को रोकने के लिए वॉशिंग स्टेशनों को अगले एक सप्ताह तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन पर भी सर्विस स्टेशन संचालक ध्यान नहीं दे रहे।
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बुधवार को वाॅशिंग स्टेशनों पर दिनभर गाड़ियों की धुलाई चली। इससे हजारों लीटर पानी बर्बाद हुआ। इसमें अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नहर में कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है। इसके कारण शहर में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। इससे पेयजल समस्या उत्पन्न हो सकती है। लिहाजा जब तक नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी न आ जाए, तब तक शहर में जितने भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हें बंद करने के लिए कहा गया है, ताकि निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की तराई आदि में प्रयुक्त होने वाले पानी को बचाया जा सके और पेयजल के लिए प्रयोग किया जा सके।
एसडीएम ने शहर में नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देशों की अनुपालना कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा नगर पार्षदों से भी अपने-अपने वार्डों में आमजन को पानी की बचत के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि अपने घरों में कपड़े धोते, बर्तन, पशु बाड़ों की सफाई और सप्लाई के वक्त नलों को खुला छोड़ने से पानी का दोहन होता है। इसे रोककर आमजन भी पानी की बचत कर सकता है, ताकि वर्तमान गर्मी के मौसम व नहरी पानी की सप्लाई में कमी की वजह से पेयजल की समस्या से निपटा जा सके।

पानी सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग और सभी नगर पार्षदों से चर्चा कर पेयजल सप्लाई के लिए वार्ड वाइज टाइमिंग का शेड्यूल बनाया गया है। नरवाना क्षेत्र में 30 वाटर टैंकरों की व्यवस्था भी की गई है। टैंकरों से जॉन वाइज पेयजल सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा नगर परिषद को एसडीएम ने ऐसे इलाके जहां अंडर ग्राउंड वाटर पीने योग्य है, वहां तुरंत प्रभाव से बोरवेल कर पानी सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गांवों में तीन दिन में दिया जा रहा पानी
पिल्लूखेड़ा खंड के कई गांवों में तीसरे दिन गर्मी के मौसम में पानी दिया जा रहा है। इन गांवों में भूमिगत पानी खराब होने के कारण सुबह ही महिलाओं को खेतों की तरफ पानी का रुख करना पड़ता है। इसके अलावा कुछ लोग पीने योग्य पानी पर रुपये खर्च कर कैंपर खरीदते हैं। इसके अलावा नहाने या कपड़े धोने के लिए खेतों पर निर्भर हैं।

शहर में जहां पर भी पानी की दिक्कत है। वहां टैंकर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा लोगों को जरूरत से ज्यादा पानी बर्बाद नहीं करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। फिलहाल शहर में ज्यादा किल्लत नहीं है। अभी वाटर टैंकों में पानी है। इसके अलावा ट्यूबवेल का भी प्रबंध है।
-रणबीर सिंह एसडीई जींद।

30जेएनडी35: नरवाना में नहर से पानी निकालने के लिए रखे गए पंपसेट। संवाद

30जेएनडी35: नरवाना में नहर से पानी निकालने के लिए रखे गए पंपसेट। संवाद

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