जींद। दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग पर गुजरने वाली एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का तीन माह से शेड्यूल बिगड़ा हुआ है। यह ट्रेनें गंतव्य तक निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को सुबह और शाम के समय का ट्रेनों का लंबा इंतजार करना पड़ता है। बुधवार रात को 15909 अवध-असम एक्सप्रेस ढाई घंटे की देरी से जींद जंक्शन पहुंची।
तीन-चार महीनों से दिल्ली और बठिंडा की तरफ ब्लॉक लिए जा रहे हैं जिसके चलते ट्रेनों को खड़ा कर दिया जाता है और ट्रेनों में बैठे यात्रियों को परेशान होती है। यह हालात एक दिन के नहीं बल्कि रोजाना के हैं। सुबह के समय प्रतिदिन दिल्ली की तरफ जाने वाली अवध-असम एक्सप्रेस, दिल्ली-कुरुक्षेत्र डीएमयू, जाखल-दिल्ली पैसेंजर, छिंदवाड़ा एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर इंटरसिटी अपने निर्धारित समय से काफी देरी से आ रही हैं।
ऐसा ही हाल शाम के समय दिल्ली की तरफ से आने वाली ट्रेनों का है। शकूरबस्ती और नांगलोई के बीच शाम सात बजे तक ब्लॉक लिया जाता है वहां पर रेललाइन बदलने का काम चलता है। दूसरी तरफ टोहाना स्टेशन से हिम्मतपुरा तक भी मरम्मत का काम चलता है। ऐसे में ट्रेनों को खड़ा रखा जाता है या फिर बेहद ही कम रफ्तार से ट्रेनों को गुजारा जाता है जिससे गाड़ियों अपने निर्धारित समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती।
इसके अलावा नरवाना जंक्शन के आउटर के कांटे पर छह महीने से खराबी आई हुई है जिसको बदला जाना है। रेलवे ने अभी तक नहीं बदला है जिससे ट्रेनों को पांच की रफ्तार से गुजारा जा रहा है।
दैनिक यात्रियों को हो रही परेशानी
ट्रेनों की देरी से सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों को होती है। सुबह के समय नरवाना और उचाना की तरफ से जींद सरकारी और निजी दफ्तरों में काम करने वाले काफी कर्मचारी आते हैं। इसके अलावा रोहतक, बहादुरगढ़ और दिल्ली की तरफ भी बहुत कर्मचारी अपने रोजगार को लेकर जाते हैं लेकिन गाड़ियों के देरी से आने के कारण वह भी अपने कार्यालय देरी से पहुंच रहे हैं जिससे उनके कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
वर्जन
दिल्ली की तरफ शकूरबस्ती के पास ब्लॉक लिया जा रहा है जिसके कारण ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। वहीं हिम्मतपुरा के पास भी रेललाइन की मरम्मत का काम चल रहा है। इससे ट्रेनें देरी से आ रही हैं। -जयप्रकाश, यातायात निरीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद