उचाना। तेरापंथ जैन स्थानक में विराजमान साध्वी लब्धि प्रभा ठाणे-3 ने कहा कि सबसे बड़ा बलवान समय होता है। समय की कद्र करनी चाहिए। समय बहुत कीमती है। समय के मूल्य को पहचानो।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र ने समय को पहचाना और समय पर खेलते हुए 14 साल का वनवास ले लिया। चले गए दुनिया से वो जो दुनिया के बानी थे, सिकंदर जब गया दुनिया से दोनों हाथ खाली थे। अंत समय मनुष्य के कुछ नहीं जाता है। मनुष्य को कभी भी पैसे पर घमंड नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक साल की कीमत उससे पूछा जो पूरे साल पढ़ कर परीक्षा के वक्त बीमार होने से पेपर नहीं दे पाया। एक महीने की कीमत उस मां से पूछो जिसकी अट्ठमासा बच्चे को जन्म दिया हो। हफ्ते की कीमत उस संपादक से पूछो जो पूरे सप्ताह की एकत्रित की हुई खबरों को छाप कर भी मौके पर पत्रिका पोस्ट नहीं कर पाता।