नरवाना। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि किसान कम खर्च वाली प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय को दोगुनी करने का लक्ष्य स्थापित करें। जहर मुक्त खेती पर्यावरण के लिए लाभकारी है। प्रकृति के सभी जीवों पर आज की अंधाधुंध कीटनाशक युक्त खेती जमीन की उर्वरा शक्ति को कमजोर कर रही है और मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। राज्यपाल यहां एक राइस मिल का उद्घाटन करने के बाद लोगाें से संवाद कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प था कि वह किसानों की आय दोगुनी करेंगे, यह संकल्प भी तभी पूरा होगा, जब किसान प्राकृतिक खेती को अपनाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार द्वारा जो भी किसानों के लिए योजनाएं चलाई जाती हैं, उन्हें प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाना अधिकारी सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से कहा कि पराली को जलाना एक गंभीर समस्या है, जिससे खुद का जीवन तो नष्ट होता ही है, बल्कि आने वाली पीड़ियों के लिए भी नुकसानदायक होगा। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह पराली का प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों को पराली प्रबंधन को लेकर प्रोत्साहन राशि पर अनेक कृषि यंत्र मुहैया करवाए जा रहे है। सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि पराली के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने किसानों से कहा कि जिसमें पानी की लागत कम हो वही खेती करें। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से खेती करने वाले किसानों को राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है इसलिए किसान सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को अपनाकर आने वाली पीढि़यों के लिए जल को बचाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर विधायक डॉ. कृष्ण लाल मिढ़ा, डीसी मोहम्मद इमरान रजा, पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, एसडीएम अनिल कु मार दून, डीएसपी अमित भाटिया मौजूद रहे।