जींद। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। आठ सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से चुनाव प्रक्रिया को ही अवैध बताया गया।
इस मामले के स्थायी समाधान के लिए जींद समेत हिसार, नरवाना और बरवाला बार एसोसिएशनों में दिसंबर 2026 तक एडहॉक कमेटियां गठित करने और इसके बाद नए सिरे से चुनाव कराने का प्रस्ताव अदालत के सामने रखा गया। हाईकोर्ट के 12 अगस्त के आदेश के बाद जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में मतदान के लिए इस्तेमाल किए गए बैलेट बॉक्स खोले गए और मतों की गिनती कराई गई। मतगणना पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 19 अगस्त को चुनाव परिणाम सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट भेज दिया। अदालत ने परिणाम को फिलहाल रजिस्ट्रार की सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के निर्देश दिए हैं। इससे स्थिति यह बन गई है कि मतगणना पूरी होने के बावजूद किस प्रत्याशी को जीत मिली, इसका आधिकारिक ऐलान नहीं हो सका है।
चारों बार में एडहॉक कमेटी, फिर नए सिरे से चुनाव का प्रस्ताव
सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बीएस राणा ने प्रस्ताव रखा कि जींद, हिसार, नरवाना और बरवाला बार एसोसिएशनों का कामकाज एडहॉक कमेटियां संभालें। दिसंबर 2026 तक कमेटियों के माध्यम से प्रशासनिक कामकाज चलाने के बाद नियमानुसार नए सिरे से चुनाव कराने का सुझाव दिया गया। हाईकोर्ट ने चारों बार एसोसिएशनों को अपने-अपने जनरल हाउस की बैठक बुलाकर प्रस्ताव पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। एडहॉक कमेटियों का गठन एक पखवाड़े के भीतर किए जाने और इसके बाद जनरल हाउस की बैठक बुलाने की बात कही गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अनमोल रतन सिद्धू ने उचित निर्देश लेने के लिए अदालत से समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।