14जेएनडी08: कोर्फबाल खेल खेलते हुए खिलाड़ी। स्रोत खिलाड़ी
जींद। कोर्फबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भारत में 45 साल पुराने कोर्फबॉल प्रीमियर लीग की घोषणा कर दी है। लीग के नए लोगो का अनावरण भी किया गया। इस लीग का उद्देश्य लैंगिक समानता को मजबूत करना और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बड़ा मंच देना है।इसमें महिला और पुरुष खिलाड़ी एक ही टीम में खेलेंगे।
हैंडबॉल कोच अनिल ने बताया कि जींद के नंदगढ़ क्षेत्र के खिलाड़ियों में उत्साह है। उन्होंने कहा कि कोर्फबॉल एक अनोखा खेल है जो बास्केटबॉल और नेटबॉल का मिश्रण है। इसमें खिलाड़ी खंभे पर लगे ऊंचे बास्केट कोर्ट में गेंद डालकर स्कोर करते हैं। लीग की विजेता टीम को 25 लाख रुपये का बड़ा इनाम दिया जाएगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान रोहतक के बास्केटबॉल के पूर्व कप्तान नितेश, रजत कुमार सैनी, सूरज शर्मा, अलिशा और तनिष्का गुर्जर जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद रहे। कोर्फबाल की शुरुआत 1902 में नीदरलैंड्स में हुई थी जिसका मूल उद्देश्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना था।
लीग की स्थापना गगनदीप हांडा, अमनदीप सिंह और उनकी टीम के संयुक्त प्रयासों से हुई है जो अब भारत में इस खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।