जींद। कैंसर से मरने वाले व्यक्ति के नाम पर 52 लाख रुपये का लोन करवाकर राशि हड़प ली। इस आरोप में शहर थाना पुलिस ने चार नामजद सहित पांच लोगों गांव देवरड़ निवासी राममेहर, उसकी मां संतोष, रोहतक निवासी सुरेंद्र, आईडीएफसी बैंक की रोहतक शाखा के कर्मचारी प्रवीण तथा आईडीएफसी बैंक के मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शीतलपुरी कॉलोनी निवासी नरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ठेकेदारी करता है। उनके बड़े भाई स्व. राजेश गांव देवरड़ में शादीशुदा थे। मई 2023 में उनके भाई का साला शत्रुघ्न तथा रामेहर एक अन्य व्यक्ति के साथ घर पर आए और मशीन लोन के लिए गारंटर के तौर पर उसके कागजात लेकर बैंककर्मी को साथ लेकर आने की बात कही, पर वे नहीं आए। 9 अक्तूबर 2023 को उसके फोन पर केस दर्ज होने का संदेश आया, जिसमें उसे गारंटर के तौर पर पार्टी बनाया गया था। जब उसने पूछताछ की तो पता चला कि लोन उसके कैंसर पीड़ित भाई राजेश के नाम पर लिया गया था। इस सिलसिले में वह आईडीएफसी बैंक रोहतक की शाखा से जानकारी ली तो बताया गया कि लोन सुरेंद्र और रामेहर के माध्यम से हुआ है। कागजातों को बैंककर्मी प्रवीण तथा बैंक मैनेजर ने तैयार किया है। जब उसने दस्तावेजों को निकलवाया तो आवेदन तथा एग्रीमेंट पर गारंटर के तौर पर उसके फर्जी हस्ताक्षर मिले। उसके कैंसर पीड़ित भाई राजेश के नाम पर लोन लिया गया था। उसके भाई की मौत 21 मई 2023 को हो गई थी, जबकि उसे लोन 25 मई 2023 को जारी किया गया था। लोन सुरक्षा बीमा भी उसी दिन किया गया, जबकि लोन लेने वाले व्यक्ति की चार दिन पहले मौत हो चुकी थी। मृतक के भी फर्जी हस्ताक्षर कर लोन जारी करवाकर हड़प लिया है। शहर थाना के जांच अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि नरेंद्र की शिकायत पर गांव देवरड़ निवासी राममेहर, उसकी मां संतोष, रोहतक निवासी सुरेंद्र, आईडीएफसी बैंक रोहतक के कर्मचारी प्रवीण तथा आईडीएफसी बैंक मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।