संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। दिवाली से पहले ही जींद की आबोहवा प्रदूषित हो गई है। सोमवार को जिले का वायु प्रदूषण का सूचकांक (एक्यूआई) 416 तक जा पहुंचा। जोकि बेहद गंभीर श्रेणी में आता है। इस श्रेणी में आबोहवा इस कदर जहरीली होती है कि लोगों के स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव डालती है। विशेष तौर पर सांस की बीमारियों वाले लोगों को तो सांस लेने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि सांस के रोगी सुबह की सैर से परहेज करें और बाहर न निकलें। सोमवार को प्रशासन द्वारा शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव भी करवाया गया।
पिछले एक सप्ताह से एकाएक प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका असर यह है कि नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज आंखों में जलन, लालिमा, दर्द और सूखापन की समस्या को लेकर आ रहे हैं। वहीं सांस के मरीज भी उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। नागरिक अस्पताल में सोमवार को लगभग 100 लोग फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचे।
पराली के धुएं का असर रात में होता है अधिक
पराली के धुएं का असर रात के समय अधिक होता है। क्योंकि रात होते ही किसान धान की पराली में आग लगा देते हैं। शाम होते ही अंधेरा छाने लगता है। जैसे-जैसे शाम होती है एयर क्वालिटी इंडेक्स तेजी से बढ़ता है। धूल के कणों की अधिक मात्रा व अंधेरा अधिक होने से वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी के साथ धुएं से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को होती है। सोमवार को एक्यूआई सबसे कम 302 तथा सबसे अधिक 470 तक पहुंच गया था। दिनभर का औसतन एक्यूआई 416 दर्ज किया गया।
यह है पिछले एक सप्ताह का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडक्स)
तिथि
एक्यूआई (पीएम 2.5)
30 अक्टूबर
416
29 अक्टूबर
354
28 अक्टूबर
316
27 अक्टूबर
299
26 अक्टूबर
224
25 अक्टूबर
145
24 अक्टूबर
143
प्रशासन ने करवाया सड़कों पर पानी का छिड़काव
जिला प्रशासन ने सोमवार को शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया। इससे सड़कों पर उड़ने वाली दिनभर की धूल से निजात मिलेगी। यह धूल भी वायु प्रदूषण को बढ़ाने में सहायक होती है। पटियाला चौक से लेकर नस बस स्टैंड तक सोमवार को पानी का छिड़काव किया गया।
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रयासरत है। लोगों को कहीं भी आग नहीं लगानी चाहिए। शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया गया है। जल्द ही इससे राहत मिलेगी।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी।