जींद। एडिशनल सेशन जज डॉ. चंद्रहास की अदालत ने एससी-एसटी एक्ट मामले में सबूतों के अभाव में आरोपी परविंदर को बरी कर दिया। यह मामला साल 2020 से विचाराधीन था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार धर्मगढ़ निवासी शेर सिंह ने पुलिस एफआईआर में बताया था कि 11 अप्रैल 2020 को वह सफीदों शहर में घरेलू सामान खरीदने के लिए गए थे। वापस आते समय गांव का ही परविंदर मिल गया जोकि गांव में डिपो चलाता है। उसने आते ही उनके साथ जाति को लेकर गाली-गलौज कर मारपीट की।
मामले में शहर थाना पुलिस ने आरोपी परविंदर के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाकर अदालत में पेश किए लेकिन आरोपी के खिलाफ ऐसे सबूत नहीं मिले जिससे उसे सजा मिल सके। अदालत ने आरोपी परविंदर को बरी कर दिया। संवाद