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हादसे ने छीने तीन बहनों के दो इकलौते भाई, एक की 25 को होनी थी शादी

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सफीदों। मर्दानखेड़ी गांव के पास शुक्रवार रात को पुलिस की गाड़ी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार की हुई भिड़ंत में सफीदों के तीन युवकों की मौत हो गई। सड़क हादसे से सफीदों शहर के साथ-साथ सिल्लाखेड़ी गांव में भी मातम छा गया। हादसे ने तीन बहनों से दो इकलौते भाई छीन लिए। इनमें से एक युवक की शादी 25 दिसंबर को होनी थी। मृतक के माता-पिता का निधन हो चुका है। शादी के बाद शुरू होने वाला परिवार पहले ही खत्म हो गया।
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सड़क हादसे से मरने वाला 20 वर्षीय प्रयास गांव सिल्लाखेड़ी का निवासी था। फिलहाल वह सफीदों की अंटा कॉलोनी में रहता था। वह दो बहनों का इकलौता भाई था। प्रयाग के पिता सुरेश कृषि विभाग में उप अधीक्षक हैं। 32 वर्षीय स्वीनदास मूल रूप से कैथल के दयौरा गांव का रहने वाला था। वह हाल में अपनी बहन के पास सफीदों की तारा बस्ती में रहता था। बहन ने ही उसे पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बनाया था। स्वीनदास की कुरुक्षेत्र के इस्लामाबाद में ड्यूटी थी। स्वीनदास का गन्नौर कस्बे के गांव पुरखास में रिश्ता तय हुआ था। 25 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी। वहीं, सफीदों की ताराबस्ती निवासी 26 वर्षीय कार्तिक एक निजी अस्पताल में हेल्पर की नौकरी करता था। वह अपने पीछे दो बच्चे और पत्नी छोड़ गया। कार्तिक के माता-पिता असंध के गांव सालवन में रहते थे। शनिवार को तीनों युवकों का सफीदों में ही अंतिम संस्कार किया गया। शोकस्वरूप सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक सफीदों-जींद रोड का बाजार बंद रहा।
तीनों दोस्त कार से शादी का कार्ड बांटने जा रहे थे
शुक्रवार को कार्तिक, प्रयाग कार से स्वीनदास के पास उसकी शादी की तैयारियों को देखने के लिए गांव दयौरा गए थे। इसके बाद स्वीनदास ने कहा कि उसे सफीदों में कुछ शादी के कार्ड बांटने हैं, इसलिए वह भी उनके साथ ही कार से सफीदों के लिए चल पड़ा। मर्दानखेड़ी गांव के पास पुलिस की गाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली की भिड़ंत हो गई। इससे असंतुलित पुलिस की गाड़ी ने उसकी कार को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों दोस्तों की मौत हो गई थी।
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