जींद। जिले के गांव तेलीखेड़ा में पेयजल की समस्या ने ग्रामीणों का जीवन कठिन बना दिया है। 500 से अधिक आबादी वाला यह गांव आज भी नियमित और स्वच्छ पेयजल सुविधा से वंचित है। हालात ऐसे हैं कि गांव की महिलाएं दूर खेतों से पानी लाने को मजबूर हैं जबकि घरों में लगे सबमर्सिबल का पानी पीने योग्य नहीं माना जा रहा।
जनस्वास्थ्य विभाग जल जीवन मिशन के तहत भी गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर पाया है। सुबह से लेकर शाम तक पानी के लिए जद्दोजहद बनी रहती है। इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सभी को परेशानी उठानी पड़ रही है। पीने के पानी की कमी के कारण कई परिवारों को रोजाना बाजार से पानी के कैंपर खरीदने पड़ रहे हैं जिससे उनका खर्च लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों धर्मबीर, सतबीर, राज, विनोद, मदन का कहना है कि अभी तक एक कैंपर से काम चल जाता था लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ पानी की जरूरत भी बढ़ेगी। ऐसे में एक की जगह दो से तीन कैंपर प्रतिदिन खरीदने पड़ सकते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।
सरपंच और अधिकारियों से लगाई गुहार, नहीं हुआ समाधान
समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण कई बार सरपंच और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो गर्मियों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। स्वच्छ पानी की कमी से बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
पेयजल उपलब्ध कराया जाए : ग्रामीण
गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा कर जल्द से जल्द पाइपलाइन या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का मूल अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
वर्जन
तेलीखेड़ा गांव में पेयजल की व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके लिए एसडीओ की ड्यूटी लगाकर पेयजल का प्रबंध जल्द से जल्द करवाया जाएगा ताकि गर्मी में ग्रामीणों को परेशानी से निजात मिल सके।
-भानू प्रताप, एक्सईन जनस्वास्थ्य विभाग जींद