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उद्घाटन के बाद पूरे होंगे तकनीकी परीक्षण, फिर पटरी पर नियमित दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन : डीआरएम

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जींद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने बुधवार को दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेश रमन त्रिपाठी जींद रेलवे जंक्शन पहुंचे।
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डीआरएम ने कहा कि उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन का नियमित संचालन शुरू होने में कुछ समय लगेगा। शुरुआती चरण में तकनीकी परीक्षण, परिचालन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की जांच पूरी की जाएगी। सभी प्रक्रियाएं संतोषजनक पाए जाने के बाद ही ट्रेन को नियमित रूप से यात्रियों के लिए चलाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान यदि कोई यात्री हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना चाहता है तो उसे एक दिन पहले रेलवे प्रशासन से पास बनवाना होगा। सुरक्षा कारणों से केवल पासधारक यात्रियों को ही ट्रेन में यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
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हाइड्रोजन ट्रेन में सफर के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त किराया नहीं देना होगा। इसका किराया सामान्य पैसेंजर ट्रेनों के समान ही रखा जाएगा। जींद से सोनीपत तक यात्री सिर्फ 25 रुपये में सफर कर सकेंगे।
डीआरएम ने बताया कि अभी कार्यक्रम का प्लान संभावित है। योजना के अनुसार रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री जनसभा स्थल के लिए रवाना होंगे। इस दौरान कुछ बच्चे हाइड्रोजन ट्रेन में सफर कर इसके संचालन और तकनीक का अनुभव लेंगे।
डीआरएम ने स्टेशन पर वीआईपी मूवमेंट से लेकर यात्री सुविधाओं की जांच की
निरीक्षण के दौरान डीआरएम के साथ डीसी डॉ. वैशाली शर्मा और एसपी कुलदीप सिंह भी मौजूद रहे। डीआरएम ने रेलवे अधिकारियों के साथ प्लेटफॉर्म, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग स्थल और हाइड्रोजन ट्रेन संचालन से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, वीआईपी मूवमेंट, बैरिकेडिंग, पार्किंग, प्रतीक्षालय और यात्री सुविधाओं की स्थिति देखी गई। अधिकारियों को साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और संकेतकों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सभी तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा गया।
हाइड्रोजन गैस प्लांट पर डीआरएम ने दी जानकारी
हाइड्रोजन प्लांट में गैस नहीं बनने के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि फिलहाल ट्रेन संचालन के लिए हाइड्रोजन गैस की व्यवस्था बाहर से की जाएगी। रेलवे हाइड्रोजन उत्पादन के लिए भी प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन तैयार करने का सबसे किफायती तरीका उद्योगों से निकलने वाले वेस्ट प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना है। राजपुरा की एक फैक्ट्री में हाइड्रोजन वेस्ट के रूप में निकलती थी जिसे पहले हवा में छोड़ दिया जाता था। रेलवे ने उस उद्योग से टाईअप किया है ताकि इस हाइड्रोजन का उपयोग ट्रेन संचालन में किया जा सके और लागत को कम किया जा सके।
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