जींद। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने विरोध, प्रदर्शन कर सार्वजनिक शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम सीटीएम अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संयोजक राजेश खर्ब ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, परिवहन, बिजली, पानी आदि मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना केंद्र एवं राज्य सरकारों की जिम्मेदीारी होती है, लेकिन केंद्र एवं राज्य सरकार अपने चुनावी वायदों व दायित्वों से भागते हुए एक-एक करके सार्वजनिक सेवाओं को निजी क्षेत्र के हवाले करती जा रही है। जिसकी राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ घोर निंदा करता है। शिक्षकों ने राज्य सरकार को चेताते हुए शिक्षा का व्यापारीकरण बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश का धन बैंकों में नहीं स्कूलों में है। इसके भविष्य के साथ छेड़छाड़ प्रदेश का शिक्षक कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला प्रधान रूपेंद्र गोयत ने कहा कि राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ समाज के आखिरी कोने पर बैठे बच्चे तक नि:शुल्क गुणवता पूर्ण एवं रोजगार परक शिक्षा पहुंचाने के लिए संघर्षरत है और सरकार भी सब पढ़े सब बढ़े के नारे दे रही है। शिक्षा सबका अधिकार है तो फिर प्रदेश में विभिन्न तरह के स्कूल, शिक्षक एवं पाठ्यक्रम क्यों। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ सरकार से मांग करता है कि प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों का अधिग्रहण कर प्रदेश के छात्र, अभिभावक एवं शिक्षकों को समान अवसर दिए जाए। इस अवसर पर राजेश रेढू, रमेश कु मार, कु लदीप सिंह, सुनीता, बबीता, संतरो, कमला, दिनेश, सतविंद्र श्योकंद, राजबीर पहल, दीपक सोनी मौजूद रहे।