04जेएनडी01: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का फोटो।
जींद। ई-अधिगम उपाधि प्राप्त करने के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थी और अध्यापकों को ई-अधिगम चैलेंज के तहत प्रतियोगिता में भाग लेना लेंगे। इसमें विद्यार्थियों को अपनी अधिक पढ़ाई टैब के माध्यम से करनी होगी।
इसी तरह से अध्यापकों को भी प्रतिदिन एक घंटा टैब के माध्यम से पढ़ाई करवाना अनिवार्य होगा। इसमें विद्यार्थी व अध्यापकों को ई-अधिगम उपाधि हासिल करना अनिवार्य है। इसके लिए विद्यार्थी को किसी भी तीन विषय में 35 मिनट प्रति विषय टैब पर काम करना अनिवार्य है। वहीं शिक्षक को एक घंटा टैब का इस्तेमाल करना होगा।
शिक्षा विभाग ने ई-अधिगम विद्यार्थियों के चयन के लिए कुछ मापदंड तय किए हैं। विद्यार्थियों को अधिकतम एप का इस्तेमाल, अधिकतम होमवर्क व अधिकतम उपचारात्मक परीक्षण शामिल हैं। वहीं शिक्षकों के चयन के लिए अधिकतम एप का प्रयोग व अधिकतम होमवर्क जैसे मापदंड तय किए गए हैं। यदि शिक्षकों का एप प्रयोग बराबर होगा तो उसके बाद प्राथमिकता अधिकतम होमवर्क देने वाले शिक्षकों को दी जाएगी। शीर्ष दस ब्लॉकस्तर के पीएएल डैश बोर्ड के अनुसार, प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शीर्ष पांच प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को ब्लॉकस्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से सम्मानित किया जाएगा। वहीं जिलास्तरीय पीएएल डैशबोर्ड के अनुसार प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 10 विद्यार्थियों व 5 शिक्षकों को जिलास्तर पर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए 10वीं, 11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैब देंगे। ऐसे में यह प्रतियोगिता विभाग की ई-अधिगम के तहत शुरू की गई है, जिसमें ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थी व शिक्षक ज्यादा से ज्यादा टैब के प्रयोग के बारे में जानेंगे और बेहतर शिक्षा ग्रहण करेंगे।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में ई-अधिगम चैलेंज के तहत विभाग ने प्रतियोगिता शुरू की है। इसमें टैब का इस्तेमाल करने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए कुछ मापदंड तय किए गए हैं। -सुमित्रा देवी, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
04जेएनडी01: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का फोटो।