जींद। जींद। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ा खेमावती क्षेत्र के प्रमुख सरकारी स्कूलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या करीब 1100 तक पहुंच गई है। स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है।
पढ़ाई के साथ-साथ खेल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। विद्यालय की सफलता में शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत रंग ला रही है। गणित प्रवक्ता सतीश सरोहा के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को उन्हें राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
सतीश सरोहा की मेहनत का परिणाम है कि स्कूल के करीब 50 विद्यार्थी राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। वहीं स्कूल के विद्यार्थियों ने सुपर-100 और राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) में भी सफलता हासिल की है।
प्राइमरी स्कूल में दो से 18 पहुंचाई थी विद्यार्थियों की संख्या
सतीश सरोहा ने अपने कार्यकाल के दौरान खरकगादिया के प्राइमरी स्कूल में भी शिक्षा के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने का प्रयास किया था। उस समय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या महज दो रह गई थी। उन्होंने ग्रामीणों और अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करवाने के लिए प्रेरित किया। उनकी मेहनत से विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई थी। बच्चों तक पहुंच बनाने के लिए वाहन का खर्च भी उन्होंने स्वयं वहन किया था।
पढ़ाई के साथ खेलों पर भी जोर
खेड़ा खेमावती स्कूल में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों की प्रतिभा के कारण स्कूल के करीब 50 बच्चे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचे हैं। सतीश सरोहा का मानना है कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।