जींद। प्रकृति और फूलों से प्रेम करने वाली स्कीम नंबर पांच निवासी अध्यापिका पूजा मुदगिल ने घर में 120 से अधिक फूलदार पौधे लगाकर बगिया बनाई हैं। रंग-बिरंगे फूलों से महकती बगिया न केवल घर की सुंदरता बढ़ाती है बल्कि आसपास के लोगों को भी प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।
पूजा मुदगिल बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही पौधों और फूलों का शौक था लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण वह इस शौक को समय नहीं दे पाती थीं। कोरोना काल के दौरान जब स्कूलों में छुट्टियां हो गईं तब उन्हें अपने इस पुराने शौक को पूरा करने का अवसर मिला। उन्होंने घर के आंगन और छत पर धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के फूलदार पौधे लगाने शुरू किए और आज बगिया में करीब 120 किस्म के पौधे हैं।
बगिया में गुलाब, गेंदा, पेटुनिया, गुड़हल, डहेलिया, चांदनी, रजनीगंधा सहित कई आकर्षक और सुगंधित फूलों के पौधे लगे हुए हैं। पूजा जहां भी जाती हैं वहां से किसी न किसी नई किस्म का पौधा लेकर आती हैं और अपनी बगिया में उसे जगह देती हैं। उनका कहना है कि हर पौधा अपने आप में खास होता है और उसकी देखभाल करना उन्हें सुकून देता है।
पूजा की बगिया की खास बात यह भी है कि यहां कई ऐसे फूलदार पौधे भी हैं जो औषधीय दृष्टि से उपयोगी माने जाते हैं। वह बताती हैं कि कुछ पौधों के फूल और पत्तियां सामान्य बीमारियों को दूर करने के काम आते हैं। जैसे गुड़हल का उपयोग बालों और त्वचा के लिए लाभदायक होता है जबकि कुछ अन्य पौधों के फूलों का प्रयोग घरेलू उपचार में किया जाता है।
पौधों की देखभाल स्वयं करती हैं
अध्यापन कार्य के बावजूद पूजा पौधों की देखभाल स्वयं करती हैं। वह रोज सुबह ड्यूटी पर जाने से पहले और शाम को लौटने के बाद अपनी बगिया का निरीक्षण करती हैं। हर पौधे को समय पर पानी देना, सूखे पत्ते हटाना और खाद डालना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
पूजा का मानना है कि पौधे केवल घर की सुंदरता ही नहीं बढ़ाते बल्कि मन को भी शांति देते हैं। उनकी बगिया देखकर आसपास के लोग भी प्रेरित हो रहे हैं और अपने घरों में पौधे लगाने लगे हैं। पूजा कहती हैं कि यदि हर व्यक्ति अपने घर में कुछ पौधे लगाए तो वातावरण भी स्वच्छ रहेगा और प्रकृति से हमारा जुड़ाव भी मजबूत होगा।