ज्वाइनिंग के लिए आंदोलन कर रहे प्रदेश भर के चयनित जेबीटी शिक्षक अपनी आगे की रणनीति चार नवंबर को अदालत की सुनवाई के बाद तय करेंगे। रविवार को हुडा पार्क में हुई बैठक में सिर्फ भड़ास निकालने के लिए की गई। अदालत में सुनवाई से पहले चयनित अध्यापकों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलेगा। बैठक के दौरान कई चयनित शिक्षकों ने कार्यकारिणी के सदस्यों पर आंदोलन को गलत दिशा देने जैसे आरोप लगाए। यहां तक कि बार-बार मिल रहे झूठे आश्वासनों पर भी ऐतराज जताया। इसके चलते मीटिंग के दौरान कई बार तू तड़ाक भी हुई। इस पर संगठन के राज्य प्रधान राजेंद्र शर्मा ने कड़ा ऐतराज जताया और बोलते हुए जोश में माइक तक फेंक दिया।
गेस्ट टीचर बैठे हैं हमारी सीट पर
राज्य प्रधान राजेंद्र शर्मा ने कहा कि गेस्ट टीचर चयनित अध्यापकों की सीट पर बैठे हैं। जब तक वे नहीं जाते, चयनित और पात्र अध्यापकों की लड़ाई जारी रहेगी।
सरकार का करना होगा विश्वास
मीटिंग के दौरान अन्य शिक्षकों की बातों और तानों से प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा इतने खिन्न नजर आए कि उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे कहीं भी आंदोलन में आगे नहीं मिलते। सरकार की नीयत साफ है और ज्वाइनिंग कराना चाहती है। ऐसे में सरकार के खिलाफ आंदोलन का कोई मतलब नहीं बनता। सभी 9455 शिक्षकों की लड़ाई एक साथ लड़ी जाएगी।
बनानी पड़ेगी भगत सिंह की फौज
राजेंद्र शर्मा ने कहा कि वे निश्चित रूप से गांधीवादी रहेंगे, लेकिन जरूरत पड़ी तो भगत सिंह जैसी क्रांतिकारी फौज भी बनानी पड़ेगी। इसके लिए भी उनके साथी तैयार हैं।
आंदोलन पर बोलती बंद
मीटिंग के दौरान कई लोग आंदोलन शुरू करने की बात कह रहे थे, लेकिन राज्याध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि जो लोग आंदोलन शुरू करना चाहते हैं, वे अपने नाम लिखा दें। इस पर किसी ने भी नाम नहीं लिखवाया और मीटिंग समाप्त हो गई।