जींद। प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर इस बार भी महिलाओं को रोडवेज और परिवहन समिति की बसों में निशुल्क सफर कराने की सुविधा दी है। बुधवार दोपहर 12 बजे से महिलाओं और उनके साथ एक 15 साल का बच्चा ही बस में निशुल्क सफर कर सकता है। दोपहर 12 बजने के बाद ही बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। आम दिनों के मुकाबले दो-तीन गुणा महिलाओं की संख्या बढ़ गई थी। जैसे ही किसी रूट की बस आई। भीड़ उसी तरफ भागने लगी। आते ही एक मिनट में ही बस सवारियों से भरकर रवाना हो रही थी। सबसे ज्यादा महिलाओं को रोहतक रूट पर इंतजार करना पड़ा, क्योंकि कई-कई देर इंतजार करने के बाद बसें आ रही थी। वहीं प्राइवेट बसें जींद-नरवाना रूट को छोड़ अन्य रूटों पर दोपहर बाद कम ही दिखाई दी। उन्होंने अपने चक्कर भी रद्द किए।
जींद डिपो प्रबंधन ने बुधवार और वीरवार को सभी चालक-परिचालकों के अवकाश रद्द कर दिए। वहीं जो कर्मचारी अवकाश पर गए हुए थे, उन्हें भी वापस बुला लिया। कुछ परिचालकों की बस स्टैंड पर डयूटी लगा दी गई है, जब भी एकदम कोई बस किसी रूट पर भेजनी पड़ी तो इनमें से भेज दिया जाएगा। डिपो में फिलहाल 135 रोडवेज बसें हैं, जिनमें किलोमीटर स्कीम वाली बसें भी शामिल हैं। बुधवार को सभी रोडवेज बसों को रूटों पर उतारा गया। जिस रूट पर भी सवारी दिखाई दी, उसी रूट पर रोडवेज बसों को भेजा रहा था, लेकिन रोहतक रूट पर बसों की संख्या काफी कम थी और सवारियां भारी मात्रा में थी। इसके कारण सवारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बसों में बैठाने के लिए आवाज लगाते रहे कर्मचारी
जींद से लंबे और छोटे रूटों पर जाने वाली बसों में बैठाने के लिए महाप्रबंधक ने रोडवेज कर्मचारियों की डयूटी लगाई हुई थी। जैसे ही कोई बस बूथ पर पहुंची तो रोडवेज कर्मचारी आवाज लगाकर महिलाओं को बस में बैठा रहे थे, वहीं जहां-जहां बस जा रही थी, उसकी भी जानकारी दी जा रही थी। महिलाओं को यह भी बताया जा रहा था कि यह बस कहां-कहां रू केगी और किस रूट की बस किस बूथ पर मिलेगी। इसके कारण महिलाओं को बस ढूंढने में कोई परेशानी नहीं आ रही थी।
परिचालकों ने बच्चों का आधार कार्ड किया चेक
अलग-अलग रू टों पर परिचालकों ने महिलाओं के साथ आ रहे बच्चों के आधार कार्ड चेक किए। यदि बच्चा 15 साल से ऊपर मिला तो उसका किराया लिया गया। महिला और 15 साल के बच्चों को निशुल्क सफर करवाया। ग्रामीण क्षेत्र में जाने वाली महिलाओं को सफर करने के दौरान काफी मशक्त करनी पड़ी, क्योंकि लोकल रूटों पर चलने वाली बसें लंबे रूटों पर भी भेज दी थी। जिन रूटों पर केवल प्राइवेट बसें चलती हैं। उन प्राइवेट बसों ने बुधवार को कम ही चक्कर लगाए। इससे महिलाओं के साथ-साथ अन्य सवारियों ने भी परेशानी झेलनी पड़ी।
रक्षाबंधन के चलते डिपो के सभी चालक-परिचालकों के दो दिन के लिए अवकाश बंद कर दिए हैं। जो परिचालक या चालक अवकाश पर था उसे भी बुला लिया है। उनको बस स्टैंड पर रखा है। जब भी जरूरत पड़ी तो उन्हें तुरंत बुला लिया जाएगा। बुधवार और वीरवार को डिपो की सभी बसें चलाने के निर्देश हैं।
अशोक कौशिक, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।
बस स्टैंड पर 12 बजने के इंतजार में बैठीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Jind