कॉन्फेड विभाग ने राधेश्याम को किया था निलंबित, हाइकोर्ट में अब पांच सितंबर को होगी सुनवाई
पहली पोस्टिंग पानीपत के एक स्टोर में हुई थी, गबन के आरोप में हुआ था निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
सफीदों। सेवा रिकॉर्ड के एक दुर्लभ मामले में सफीदों के राधेश्याम को कॉन्फेड विभाग निलंबित करके भूल गया। इस मामले में एक सप्ताह पूर्व 66 साल के उम्र में फरियादी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है, जिस पर पांच सितंबर को सुनवाई होगी।
इस संबंध में राधेश्याम ने बताया कि वह वर्ष 1979 में कॉन्फेड विभाग में क्लर्क पर पर भर्ती हुआ था। पहली पोस्टिंग पानीपत के एक स्टोर में हुई थी। फिर वह लंबे समय तक सफीदों के स्टोर में रहा। उसने बताया कि सफीदों में ड्यूटी के दौरान मार्च 1984 में उसे गबन के आरोप में निलंबित किया गया और अप्रैल 1984 में उसके खिलाफ सफीदों थाना में गबन की एफआईआर भी दर्ज हुई।
विभागीय जांच में उसे नवंबर 1987 में निर्दोष करार दिया गया और आपराधिक मामले में भी अदालत ने मार्च 1996 में बरी कर दिया, लेकिन कॉन्फेड विभाग ने उसे न तो बर्खास्त किया और न ही बहाल। फिलहाल कॉन्फेड विभाग बंद हो चुका और उसकी सेवा का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उसने नियुक्ति आदेश के बाद के कॉन्फेड के एमडी द्वारा जारी पहले पत्र की कॉन्फेड से सत्यापित प्रति दिखाई। जिसमे उसे पानीपत का स्टेशन दिया गया था। सेवा लाभों के लिए कॉन्फेड के अलावा मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री से वर्षों तक गुहार लगाने के बाद अब 66 वर्ष की उम्र में उसने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी की अदालत में आगामी पांच सितंबर को होनी है। वाइंड-अप हुई कॉन्फेड और सहकारी विभाग के संबंधित अधिकारी इस पर कुछ जानकारी उनको नहीं दे रहे हैं।
फोटो कैप्शन
31जेएनडी12: कॉन्फेड में क्लर्क रह चुके राधेश्याम।