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Jind News: गढ़ बचाने में जुटे सुरजेवाला, भाजपा की राह भी नहीं आसान

Tue, 01 Oct 2024 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। 5 अक्तूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सूखाग्रस्त क्षेत्र नरवाना में पहली बार कमल खिलाने की चुनौती रहेगी। नरवाना विधानसभा सीट (आरक्षित) पर इस बार तीन पार्टियों के उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बना हुआ है। भाजपा से कृष्ण बेदी, कांग्रेस से सतबीर दबलैन और इनेलो से विद्या रानी दानौदा चुनाव मैदान में हैं।
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नरवाना गढ़ बचाने के लिए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला जनसभाएं करने में लगे हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी अपने पुराने कार्यकर्ताओं को साधने के लिए रथयात्रा निकाल रहे हैं।
नरवाना विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। कौन जीतेगा और कौन बाजी मारेगा, इसके बारे में कुछ भी कहना बेहद मुश्किल है। हालांकि तीन पार्टियों के कार्यकर्ता तो अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को सबसे आगे बता रहे हैं, लेकिन आकलन यह कह रहा है कि इस बार कौन सी पार्टी के उम्मीदवार के सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा, यह तो 8 अक्तूबर को मतगणना होने के बाद ही पता चलेगा। (संवाद)
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कांग्रेस और इनेलो का गढ़ रहा नरवाना

नरवाना विधानसभा सीट हमेशा से ही इनेलो और कांग्रेस का गढ़ रही है। इस सीट पर सात बार कांग्रेस पार्टी का विधायक बना है, जबकि चार बार इंडियन नेशनल लोकदल का उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचा है। वहीं आरपीआई (आंबेडकर) और जजपा के उम्मीदवार एक-एक बार जीते हैं, लेकिन इस बार पिछले चुनावों के बजाय इस बार अलग समीकरण बने हुए हैं। मुकाबला तीन पार्टियों के उम्मीदवारों के बीच बना हुआ है।

विधानसभा चुनाव 2019 का आंकड़ा

दल
उम्मीदवार

वोट

मत प्रतिशत

जेजेपी रामनिवास सुरजाखेड़ा 79578

51.91

भाजपा
संतोष दनौदा 48886

31.89

कांग्रेस
विद्या रानी

14045

9.16

इनेलो
सुशील कुमार
3334

2.17

बसपा
धर्मवीर

2473

1.61

एलएसपी वकील रसीला
1388

0.91

आजाद
सुरेश

916

0.60

अब तक नहीं जीता निर्दलीय उम्मीदवार

नरवाना विधानसभा क्षेत्र में एक बार भी निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया है। केवल दो बार ही निर्दलीय उम्मीदवार ने पार्टी के उम्मीदवारों को टक्कर दी है। वर्ष 1968 में कांग्रेस उम्मीदवार नेकीराम को निर्दलीय चुनाव लड़ रहे शमशेर सिंह सुरजेवाला ने टक्कर दी थी और उसके बाद वर्ष 1977 में शमशेर सिंह सुरजेवाला ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा और निर्दलीय टेकचंद नैन को कड़ी टक्कर देते हुए 836 वोट से हराया था। वहीं वर्ष 2019 में जजपा से रामनिवास सुरजाखेड़ा नेे भाजपा उम्मीदवार संतोष दनौदा को 30,692 वोट से हराया था।
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