जींद। नई अनाज मंडी में रविवार को धान की आवक व भावों में कमी देखने को मिली। मंडी में शनिवार को लगभग 30 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। वहीं रविवार को 20 हजार क्विंटल पर ही सिमट गई। वहीं 1121 धान की किस्म के भाव 4,225 से घटकर 4,200 रुपये प्रति क्विंटल तक ही बिके।
रविवार का दिन नई अनाज मंडी के आढ़तियों के लिए फीका रहा क्योंकि धान की आवक के साथ भाव घटने से अनाज मंडी में काफी कम मात्रा में धान पहुंची और उसे भी कम भावों पर बेचने में किसानों ने कोई रुचि नहीं दिखाई।
इससे उनकी फसल प्लेटफार्मों पर ही बिना बिके पड़ी रही। अधिकतर किसान तो अपनी फसल को मंडी में ही छोड़कर वापस अपने घरों को रवाना हुए। मंडी में 1718 नंबर धान के भी भाव 3600 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 3500 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
भावों में कमी के चलते किसानों के चेहरे काफी लटके और मुरझाए हुए थे। उनकी मायूसी इस कदर झलकती दिखाई दी कि किसान अपने रोने रो रहे थे और कह रहे थे कि एक तो उन्हें खराब मौसम व बेमौसमी बारिश ने मारा ऊपर से खाद, बीज व दवाई के भावों सहित जमीन के बढ़ते ठेकों ने मारा और रही सही कसर मंडी में धान,कपास व बाजरे के कम भावों ने पूरी कर दी।
इससे उनका कर्जा इतना बढ़ गया कि वो आढ़तियों के कर्जे बोझ तले दबते चले गए और किसी भी तरह से पूरा होने का नाम नहीं ले रहा तो वहीं घर का गुजर बिसर अलग से चलाना मुश्किल हो रहा है। धान की किस्मों 1509 व 1885 के भाव स्थिर रहे लेकिन पिछले सालों के मुकाबले कम ही रहे।
दोपहर तक ही बैठे गेटपास कर्मी
रविवार को नई अनाज मंडी के गेटपास कर्मचारी भी जल्दी ही वापस अपने घरों को लौटते नजर आए और मंडी के गेट नंबर 2 व 3 पर बैठे गेटपास कर्मी दोपहर डेढ़ बजे तक ही गेटों पर रहकर उसके बाद गेटपास कमरों को ताला लगाकर चलते बने और किसान बिना गेटपास कटवाए ही अपनी फसल से भरे ट्रैक्टर ट्रालियां मंडी में लेकर घुसते दिखाई दिए। बाद में दुकानों के मुनीम नई अनाज मंडी के गेट नंबर एक पर जाकर उनकी फसल बिकने के पश्चात किसानों के नाम से गेटपास कटवाते दिखाई दिए।
एमएसपी पर नहीं बिकी मंडी में धान
रविवार को नई अनाज मंडी में एमएसपी पर धान की खरीद करने कोई खरीदार नहीं पहुंचा। मंडी में एमएसपी पर हैफेड द्वारा खरीद की जिम्मेवारी निर्धारित की गई है थी लेकिन रविवार को उनका कोई खरीदार मंडी में न पहुंचने के चलते रविवार को यहां धान की एमएसपी पर खरीद नहीं हो सकी और खरीद पूर्ण बंद रही।