जींद। जिले में बुधवार को सुबह से ही उमसभरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। सूरज निकलते ही तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों के पसीने छूटने लगे। दोपहर तक गर्मी का असर और बढ़ गया। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बुधवार को हल्के बादलों के बीच सूर्य का उदय हुआ। वहीं सूरज निकलते-निकलते उमसभरी गर्मी शुरू हो गई, जिससे लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। पूरे दिन गर्मी ने बेहाल किया।
फिलहाल 19 जुलाई तक जिले में गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि 20 जुलाई से मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। यदि मौसम प्रणाली अनुकूल रही तो जिले में झमाझम बारिश हो सकती है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलेगी।
किसानों को सताने लगी चिंता
बारिश नहीं होने से सबसे अधिक चिंता किसानों को सता रही है। जिले में धान, बाजरा और ग्वार समेत अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का काम चल रहा है लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है। लंबे समय तक सूखे जैसे हालात बने रहने पर फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। साथ ही कमजोर पौधों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी रहती है। विशेष रूप से धान और कपास की फसल में विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि फसलों में किसी प्रकार के रोग या कीट के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि विशेषज्ञों से संपर्क कर उचित उपचार कराएं।
वर्जन
अगले कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट की संभावना नहीं है। वहीं, वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण उमस का स्तर भी बना रहेगा जिससे लोगों को लगातार गर्मी का सामना करना पड़ेगा। यदि 20 जुलाई से बारिश होती है तो मौसम में बदलाव आएगा। किसानों की खरीफ फसलों के लिए बारिश बेहद लाभदायक साबित होगी।
-डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू-पिंडारा, जींद