बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में हिस्सा लेते अधिकारी व पदाधिकारी।
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इस बार शुगर मिल में पेराई सत्र पिछले सालों के मुकाबले जल्दी शुरू होगा। पेराई सत्र शुरू होने से किसानों का गन्ना समय पर शुगर मिल पहुंच सकेगा। इससे सैकड़ों एकड़ में गेहूं की अगेती बिजाई कर सकेंगे। बृहस्पतिवार को शुगर मिल में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के निर्वाचित निदेशक रामधारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शुगर मिल के एमडी अजय मलिक, कैन मैनेजर रोहताश लाठर, सेल्स मैनेजर हरिओम, सतपाल, सरोज श्योकंद, अशोक समेत बोर्ड के सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया। जिले में इस बार गन्ने का रकबा पिछले साल की तुलना में 12590 एकड़ से बढ़कर 16896 एकड़ हो गया है। पिछली साल शुगर मिल में 20 लाख क्विंटल गन्ने की आवक हुई थी। इस बार गन्ने का रकबा बढ़ने से 28 से 30 लाख क्विंटल गन्ना आने की संभावना है। आमतौर पर शुगर मिल नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में चलाया जाता है, लेकिन इस बार ज्यादा गन्ना आने की संभावना के चलते शुगर मिल 15 नवंबर के आसपास चलाया जाएगा। साथ ही बढ़े हुए गन्ने की बोंडिंग करवाने का फैसला लिया गया। बोंडिंग के आधार पर ही किसानों को पर्चियां बांटी जाएंगी।
समय पर होगी गेहूं की बिजाई
करीब 15 दिन पहले शुगर मिल शुरू होने से दिसंबर तक दो लाख क्विंटल गन्ने से ज्यादा की पेराई हो जाएगी। इससे एक ओर जहां शुगर मिल में पेराई सत्र समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं दिसंबर तक सैकड़ों एकड़ में खड़ा गन्ना शुगर मिल पहुंच जाएगा। इससे खाली हुई सैंकड़ों एकड़ जमीन पर गेहूं की समय पर बिजाई हो सकेगी।
इस बार गन्ने का रकबा बढ़ने से करीब आठ से 10 लाख क्विंटल ज्यादा गन्ना आने की संभावना है। ऐसे में इस बार समय से पहले पिराई सत्र शुरू किया जाएगा। अभी शुगर मिल में रख-रखाव का कार्य चल रहा है। रख-रखाव का काम पूरा होते ही पेराई सत्र शुरू कर दिया जाएगा।
- अजय मलिक, एमडी
शुगर मिल।