डंकी के रास्ते अमेरिका गया था सुधीर, 23 नवंबर को बीमारी के कारण हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। साहनपुर गांव के सुधीर राठी के शव का मंगलवार को उसके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को 22 दिन के बाद अमेरिका से उसका शव गांव पहुंचा तो मातम पसर गया। काफी तादाद में लोग इकट्ठा हो गए, जिन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया।
32 वर्षीय सुधीर राठी घर का इकलौते बेटा और तीन बहनों के भाई था। वह ढाई साल पहले डेढ़ एकड़ जमीन को बेचकर डंकी के रास्ते अमेरिका गया था। अक्तूबर माह में वह बीमार हो गया। करीब डेढ़ माह से अस्पताल में वेंटिलेटर पर था। 23 नवंबर को उसकी मौत हो गई है।
घटना की सूचना पाकर समाजसेवी नारनौंद निवासी रणबीर लोहान 28 नवंबर को गांव साहनपुर पहुंचे थे, जिन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा था कि सुधीर का पार्थिव शरीर उनके घर साहनपुर में लाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद उन्होंने अपने प्रयास से वहां पर बसे भारतीय मूल के समाजसेवियों से संपर्क किया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सोमवार को सुधीर राठी शव का गांव पहुंचा।
16जेएनडी14-सुधीर राठी।