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Jind News: गैर मान्यता प्राप्त स्कूल के विद्यार्थियों को पास के विद्यालय में मिलेगा प्रवेश

Thu, 01 May 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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30जेएनडी06-जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का फोटो। संवाद
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जींद। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। अब गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
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इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। जारी किए गए पत्र के अनुसार निर्देश दिए गए हैं कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की और से अपने क्षेत्र के अधीन आने वाले सभी विद्यालयों के मान्यता से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि किसी विद्यालय के पास मान्यता से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तो ऐसे विद्यालय को तत्काल बंद करने की कार्रवाई करे और उनके विद्यालयों का प्रवेश निकटतम राजकीय स्कूलों में दिलवाना सुनिश्चित करें। यदि कोई गैर मान्यता प्राप्त बंद करने में आनाकानी करता है तो संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए तत्कालीन पुलिस कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इसके लिए निदेशालय की ओर से जारी किए गए पत्र की प्रति को संबंधित थाने में प्रस्तुत करेंं और एफआईआर दर्ज करवाएं। विद्यालय मुखिया केवल विभाग की ओर से पूर्व में जारी की गई 78 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची पर ही निर्भर नहीं रहें, बल्कि अपने क्षेत्र में स्थित सभी विद्यालयों के दस्तावेजों की जांच करें। केवल वह विद्यालय जो वैध मान्यता प्राप्त कर चुके हैं, कक्षा संचालन के पात्र हैं। भविष्य में यदि कोई गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित पाया गया तो संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। पिछले दिनों शिक्षा विभाग के डीजीईई (डायरेक्टर जनरल ऑफ एलीमेंटरी एजुकेशन) और डीएसई (डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन) की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई।
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इसमें जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. सुभाष वर्मा, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया था। बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि कोई जिले में कई गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत धारा 18 का स्पष्ट उल्लंघन है। यह भी संज्ञान में आया है कि कुछ शहरी क्षेत्रों में प्ले स्कूलों के नाम पर ऐसे संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी नामांकित हैं। यह भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है।
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कुछ गैर सरकारी संगठन और फाउंडेशन रेमेडियल क्लास के नाम पर नियमित विद्यालयी समूह में पूर्णकालिक विद्यालय संचालित कर रहे हैं, जो अवैध है। मान्यता प्राप्त विद्यालयों को ही नियमित स्कूली शिक्षा देने की अनुमति है।
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