04जेएनडी04-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।
जींद। राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को पुस्तकों के लिए हर साल की तरह इस बार परेशान नहीं होना पड़ेगा। विद्यार्थियों को इस बार नए सत्र में स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार समय से पुस्तकें मुहैया करा दी जाएंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पहले से ही योजना बना ली है। विभाग ने अधिकारियों की छात्र संख्या अनुसार किताबों की डिमांड मांगी थी, जो अधिकारियों की ओर से भेज दी गई है। समय से पुस्तकें मिलने से अध्यापकों को भी पढ़ाने में सहूलियत होगी। हर साल आधा सत्र बीत जाने के बाद विद्यालयों में किताबें आती थीं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। ऐसे में शिक्षा विभाग ने इस बार सत्र की शुरू होने से पहले पुस्तकें पहुंचाने की योजना बनाई है। विभाग की ओर से पिछले दिनों विद्यालयों से डिमांड मांग ली गई थी। बता दें कि राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें दी जाती हैं। बालवाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक के 68 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नए सत्र में समय पर पुस्तकें आने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
आठवीं कक्षा में हैं 68 हजार से अधिक विद्यार्थी
बालवाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक 68 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैंं। इसमें बालवाटिका में 4643, पहली कक्षा में 4617, दूसरी कक्षा में 4852, तीसरी कक्षा में 7359, चौथी कक्षा में 8457, पांचवीं कक्षा में 9188, छठी कक्षा में 9207, सातवीं कक्षा में 9544 और आठवीं कक्षा में 10425 विद्यार्थी शामिल हैं।
-वर्जन
नया सत्र की शुरुआत में उपलब्ध होंगी किताबें
विद्यार्थियों को इस साल परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग की ओर से एमआईएस पोर्टल पर किताबों की डिमांड की गई थी। नया सत्र शुरू होने पर पुस्तकें आने की संभावना है। ऐसे में विद्यार्थियों को सुविधा होगी।
डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।