हरियाणा रोडवेज मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी ने प्रधान धर्मबीर पहलवान की अध्यक्षता में मंगलवार को सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में रोष प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष बलराज देशवाल व राज्य प्रेस प्रवक्ता विनोद कौशिक ने कहा कि पूर्व की सरकार के साथ भी लिपिक वर्ग, पुलिस, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पंजाब के बराबर वेतनमान देने की जो घोषणा की थी वह मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की जीत थी लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने सभी घोषणाओं को बंद पिटारे में डाल दिया। भाजपा कर्मचारियों को झूठे आश्वासन दे रही है।
रोडवेज में लिपिकीय वर्ग व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के काफी पद रिक्त हैं। खाली पदों को नियमित भर्ती द्वारा नहीं भरा जा रहा और न ही एक वर्ष से किसी भी वर्ग की पदोन्नति की जा रही। कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर प्रोफेशनल कर्मचारियों को पॉलिसी अनुसार नियमित नहीं किया जा रहा, लिपिक वर्ग मुख्यालय की गलत नीतियों के कारण कन्फर्म होने से वंचित हैं।
डिपो स्तर पर उप-अधीक्षकों के पदों को सृजित नहीं किया जा रहा और न ही अधीक्षक व लिपिकीय वर्ग के विभागीय नियमों में संशोधन किया जा रहा।
धर्मबीर पहलवान ने कहा कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र निजीकरण, ठेका प्रथा आदि पर रोक नहीं लगाई और दो वर्ष का बकाया बोनस, एक माह के वेतन के समान जारी नहीं किया तो हरियाणा रोडवेज मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन 20 नवंबर को जींद के शहीदी पार्क में होने वाली संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन में सरकार के विरोध में आंदोलन का फैसला लेने पर मजबूर होगी।
धरने को ब्रह्म सिंह, धर्मेंद्र, बिजेंद्र, कृष्ण, गुरदयाल, विष्णु देवी, संतोष कुमारी, अंगूरी, संदीप कुमार, पवन कुमार, रामनिवास, प्रकाश, प्रेम सिंह, कर्मचंद सैनी, मनीपाल, ओम सिंह ने भी संबोधित किया।