जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की ओर से हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सहयोग से ‘भारत विभाजन विभीषिका’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी के मुख्य संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने कहा कि भारत विभाजन केवल सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं, बल्कि गहरी मानवीय त्रासदी थी। विभाजन की पीड़ा से सीख लेते हुए मानवीय संवेदना, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की जरूरत है।
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि विभाजन को आम लोगों की व्यापक त्रासदी के रूप में समझना चाहिए। संवाद