जींद। शहर के रेलवे रोड पर स्ट्रीट लाइटें न जलने से रात के समय यहां से गुजरने वाले यात्रियों को हादसे का डर बना रहता है। एसबीआई बैंक से लेकर दवा फैक्टरी तक सड़क किनारे लगी लाइटें पूरी तरह से बंद हैं।
नहर से लेकर जंक्शन तक शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। वहीं पर जब तक दुकानें खुली रहती हैं तब तक तो यहां चहल पहल रहती है लेकिन जैसे ही यहां दुकानें बंद होती हैं तो अंधेरा छा जाता है। इससे यात्रियों को कोई काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रात के समय अधिकतर रेल यात्री अपने घरों के जाने के लिए इसी रास्ते का ही प्रयोग करते हैं। ऐसे में यहां रात के समय अंधेरा छाए रहने के चलते कोई भी आसानी से वारदात को अंजाम दे फरार हो सकता है। स्ट्रीट लाइट ठीक करवाए जाने को लेकर रेलवे रोड निवासियों अधिकारियों को अवगत करवाया है लेकिन लाइटों को दुरुस्त नही करवाया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी वारदात का इंतजार रहा है। जब वारदात होगी, तब प्रशासन जागेगा और यहां लाइटें जलेंगी। रेलवे रोड शहर के मुख्य मार्गों में से एक है। इस रोड पर रेलवे जंक्शन होने के चलते दिन भर रेल यात्री इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
इसके अलावा यहां एसबीआई बैंक, प्रतिष्ठान और दुकानें भी मौजूद हैं। राहगीरों को रात के समय कोई परेशानी न हो इसके लिए यहां स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं लेकिन इनमें से आधी स्ट्रीट लाइटें जलती हैं और आधी नहीं। 40 क्वार्टर मोड पर तो ये लाइटें बिल्कुल भी नहीं जलती। दिन ढलते ही अंधेरा छा जाता है। रेलवे रोड निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्ट्रीट लाइटों को दुरूस्त करवाया जाए।