संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर की गलियों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर झुंड बनाकर घूम रहे आवारा कुत्तों से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर परिषद जींद ने आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी कराने और टीकाकरण की व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर की बिड 12 अक्तूबर को खोली जाएगी। चयनित एजेंसी को नगर परिषद की सीमा में एक साल तक यह काम करना होगा।
शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। खासकर नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड, लघु सचिवालय सहित अन्य सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं।
राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों और बुजुर्गों को भी इनके कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। कई स्थानों पर कुत्तों के पीछे दौड़ने से वाहन चालकों के हादसे का खतरा भी बना रहता है। शहर की प्रत्येक गली व चौक-चौराहों पर कुत्तों के काटने का डर राहगीरों को रहता है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में इस साल अब तक करीब 17 हजार एनिमल बाइट के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कुत्तों के काटने के मामले प्रमुख हैं। अस्पतालों में रोजाना करीब 40 से 50 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।
28 सितंबर को सामने आए स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में भी कुत्तों और अन्य जानवरों के काटने की घटनाओं को लेकर चिंता सामने आई थी। ऐसे में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के साथ उनका टीकाकरण करना जनस्वास्थ्य के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।