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Jind News: गणपति उत्सव के तहत ध्रुव, प्रह्लाद व वामन भगवान का प्रसंग सुनाया

Sun, 31 Aug 2025 02:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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30जेएनडी 18:कथा वाचन करते हुए कथावाचक छबीले छैल बिहारी। आयोजक - फोटो : संवाद
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नरवाना। पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री सिद्वि विनायक सेवा समिति की ओर से आयोजित 10वें गणपति उत्सव में शनिवार को तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया। वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक छबीले छैल महाराज ने ध्रुव, प्रह्लाद और वामन भगवान के चरित्र प्रसंगों का वर्णन कर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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कथावाचक महाराज ने भक्त ध्रुव की कथा सुनाते हुए कहा कि राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव ने अपनी विमाता सुरुचि के अपमानजनक वचनों के बाद वन में जाकर कठिन तपस्या की थी। भगवान विष्णु उनकी भक्ति से प्रसन्न हुए और उन्हें दर्शन देकर वरदान प्रदान किया।
ध्रुव की भक्ति से यह सीख मिलती है कि प्रभु की साधना के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है, बल्कि सच्चे मन से की गई भक्ति अवश्य ही फल देती है। इसके बाद उन्होंने भक्त प्रह्लाद की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
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दैत्यराज हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। पिता के तमाम अत्याचारों और मृत्यु के प्रयासों के बावजूद प्रह्लाद ने भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। अंतत: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में प्रकट होकर हिरण्यकश्यप का वध किया और प्रह्लाद की रक्षा की।
इस प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास और आस्था का संदेश दिया। कथा के दौरान महाराज ने वामन भगवान के प्राकट्य उत्सव का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर दैत्यराज बलि से तीन पग भूमि मांगी थी। इसी बहाने उन्होंने बलि के अहंकार को तोड़ा और उसे धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
वामन द्वादशी, जो श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को आती है, इसी प्रसंग की स्मृति में मनाई जाती है। समिति की ओर से यजमान के रूप में सुशील शर्मा व गौरव उर्फ मोनू बड़नपुर मौजूद रहे। समिति पदाधिकारियों ने अग्रवाल वैश्य समाज, केदारनाथ सेवा समिति, अग्रवाल धर्मशाला प्रधान, गौरी शंकर उकलाना व जय अंबे सेवा समिति के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। प्रसाद वितरण की सेवा सत्यप्रकाश सैन, सुरेंद्र गोयल और राजेश सिंगला ने निभाई।

30जेएनडी 18:कथा वाचन करते हुए कथावाचक छबीले छैल बिहारी। आयोजक- फोटो : संवाद

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