जींद। सीआरएसयू में पिछले दिनों कुछ छात्राओं ने बिना नाम लिए तीन प्रोफेसर के खिलाफ अश्लील चैट व जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए थे। इस मामले में दो प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी। तीनों को विश्वविद्यालय से निकाल दिया गया था।
इसमें मामले में महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया के संज्ञान के बाद एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद सीआरएसयू में भी कमेटी बनाकर जांच शुरू कराई गई थी। जांच पुलिस की तीन सदस्यीय कमेटी एएसपी सोनाक्षी की अध्यक्षता में बनाई थी। अब पुलिस की टीम ने जांच कर विश्वविद्यालय की 20 छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं।
शिकायतकर्ता का नाम नहीं होने के कारण फिलहाल पुलिस के हाथ ठोस सबूत नहीं लग पा रहे। छात्राओं ने गुमनाम पत्र लिखा था। इस मामले को लेकर पुलिस की आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।
वहीं एसपी कुलदीप सिंह का कहना है कि पुलिस विश्वविद्यालय की छात्राओं के बयान दर्ज कर रही है। अभी तक 20 छात्राओं के बयान दर्ज हुए हैं। कुछ प्रोफेसर से भी पूछताछ की गई है। शिकायतकर्ता सामने नहीं आने से जांच फिलहाल पूरी नहीं हो पाई। जल्द ही जांच को पूरा कर लिया जाएगा ताकि आरोपियों पर कार्रवाई की जा सके।