प्रदेशभर के पटवारियों ने हरियाणा सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जारी की गई पटवारी की सूची को असंवैधानिक और मानसिक प्रताड़ना देने वाली करार दिया है। हरियाणा पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयवीर चहल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पटवारियों ने फैसला लिया कि वह अगले तीन दिन तक काली पट्टी बांध कर काम करेंगे। सोमवार को प्रदेशभर में सभी जिला मुख्यालय पर डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे तथा कोई भी पटवारी दूसरे सर्कल का काम नहीं करेगा।
जयवीर चहल ने कहा कि यह रिपोर्ट किस एजेंसी ने तैयार की है, यह तो पता नहीं लेकिन इतना जरूर है कि इस रिपोर्ट में बहुत सी खामियां हैं। गुरुग्राम के देवेंद्र पटवारी और कैथल के ओमप्रकाश पटवारी के नाम भी इस सूची में दर्ज हैं, जबकि यह दोनों पटवारी स्वर्ग सिधार चुके हैं। इस रिपोर्ट में जो कार्यकाल दिखाया गया है वह भी काफी गलत है। इससे यह बात साबित होती है कि यह रिपोर्ट सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है और वह इसका स्वागत करते हैं। वह किसी भी भ्रष्ट पटवारी का समर्थन नहीं करते, लेकिन इसका अर्थ यह भी नही है कि सरकार पटवारियों को असंवैधानिक तरीके से मानसिक और मानवीय प्रताड़ना दें। इस मामले में कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है और वकीलों से राय ली जा रही है। जो भी कानून सम्मत राय बनेगी उसी के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
पत्र लीक मामले की जांच के सीएम के निर्णय का किया स्वागत
मुख्यमंत्री द्वारा इस पत्र के लीक होने के मामले की जांच करवाई जाने की बात का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो उसे सजा दी जानी चाहिए। कई जगह पटवारखाने नही हैं और पटवारी अपने स्तर पर कार्यालय चला रहे हैं। अब ऐसे पटवारी अपना सारा रिकार्ड ले जाकर तहसील में रखेंगे और जगह मिले या नहीं मिले, लेकिन तहसील से ही अपना कार्यालय चलाएंगे।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच पत्र व्यवहार होता रहता है। ऐसी कोई रिपोर्ट अगर बनी थी तो उस पर संबंधित पटवारी अपना जवाब दे देते, लेकिन सरकार के इस फैसले से पटवारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिला प्रधान जींद सूबे सिंह व प्रदेश कोषाध्यक्ष सन्नी पटवारी भी मौजूद रहे।
बैठक में प्रदेशभर से 150 पटवारियों ने की शिरकत
पटवारखाने में हरियाणा पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठक चली। इस बैठक में प्रदेशभर से करीब 150 पटवारियों ने भाग लिया। बंद कमरे में हुई इस बैठक में पटवारियों ने अपनी भविष्य की रणनीति बनाई और उसके सभी पहलुओं पर विचार भी किया। इस बैठक में किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की इजाजत नहीं दी गई।