संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। निपुण हरियाणा मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं में विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता को मजबूत करना है। अब हर माह उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और मेंटर्स को ‘स्टार टीचर’ और ‘स्टार मेंटर’ के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
यह चयन प्रत्येक माह निर्धारित मानकों के आधार पर होगा। संबंधित शिक्षक और मेंटर की फोटो सहित जानकारी प्रोफार्मा पर देनी होगी। यह जानकारी हर माह की पांच तारीख तक अपडेट करनी अनिवार्य है। प्रोफार्मा की दो प्रतियां तैयार की जाएंगी। एक प्रति खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शित होगी।
दूसरी प्रति जिला समन्वयक एफएलएन कार्यालय में भेजी जाएगी। विभाग का मानना है कि यह पहल सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी। इससे उत्कृष्ट कार्य को पहचान मिलेगी और मिशन के लक्ष्य प्रभावी ढंग से पहुंचेंगे।
स्टार मेंटर के चयन के लिए 100 अंकों की मूल्यांकन प्रणाली तय की गई है। इसमें कक्षा भ्रमण, निपुण हरियाणा मेंटर ऐप का ज्ञान और उपयोग शामिल है। यूनिक स्कूल विजिट और कक्षा भ्रमण के मासिक लक्ष्य की पूर्ति को भी अंक दिए जाएंगे। यूनिक शिक्षकों का प्रतिशत, प्रशिक्षण में भागीदारी और वर्कबुक से रेमेडिएशन भी महत्वपूर्ण है। निपुण सोशल मीडिया चैनलों का सक्रिय उपयोग तथा जिला व राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में भागीदारी भी चयन का आधार होगी।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ के अनुसार स्टार टीचर के चयन में कई बिंदु शामिल हैं। कक्षा में प्रिंट रिच वातावरण, रीडिंग कॉर्नर और संरचित शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण हैं। शिक्षक गाइड व पाठ योजना का उपयोग तथा कौशल पासबुक का संधारण भी देखा जाएगा।
विद्यार्थियों की प्रगति की निगरानी और टीएलएम सामग्री का उपयोग भी चयन का आधार होगा। प्रशिक्षण में भागीदारी, वर्कबुक का दैनिक उपयोग व जांच तथा निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत भी अंक दिलाएगा।