जींद। जिले में बाल वाटिका थ्री प्रोजेक्ट के तहत इस बार 424 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को खेल-खेल में विभिन्न गतिविधियां सिखाई जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थी की नींव को बालवाटिका स्तर से ही मजबूत करना है, ताकि वह भविष्य में देश के लिए बेहतर कर सके। इसके लिए कक्षा के कमरे में अलग-अलग कार्नर बनाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।
जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षकों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही बालवाटिका थ्री प्रोजेक्ट स्कूलों में शुरू होगा। इसके बाद यह शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को उसी पैटर्न पर पढ़ाई करवाएंगे। बालवाटिका थ्री प्रोजेक्ट राजकीय स्कूलों में शुरू किया जा रहा है। एक कक्षा कमरे में विद्यार्थियों को सिखाने के लिए विभिन्न गतिविधि करवाई जाएंगी। इन गतिविधि में कक्षा के हर कोने में गतिविधि होगी। जैसे कला कोना इसमें क्ले रंग, पेंट, रंगीन कागज की सामग्री होगी। इसी तरह अभिनय कोना में किचन सेट, डॉक्टर सेट व पपेट होंगी। जोड़-तोड़ कोना में आकार किट, ब्लॉक्स, जिगसॉ, पजल, क्रम कार्ड व अन्य सामग्री होंगी, जिसमें बच्चे कु छ बना सकें। किताबों का कोना, इसमें बिग कुक, चित्र पुस्तकें, चित्र चार्ट, कविता, पोस्टर जैसे पठन सामग्री होगी। खोज कोना में तराजू, चुंबक, बीज, पौधे, माने वाला टेप व अन्य सामान्य सामग्रियां, जिसमें बच्चे आसपास के वातावरण के बारे में खोजबीन कर सकें।प्रतिदिन बच्चे 4 से 5 घंटे के लिए बालवाटिका कक्षा में आएंगे। इस दौरान बच्चे कहानी निर्देशित खेल, मुक्त खेल चर्चा गतिविधियों से जुड़ेंगे। विद्यार्थियों को रोजाना शेड्यूल बनाकर पढ़ाई करवाई जाएगी। इनमें प्रात: कालीन सभा के लिए, मॉर्निंग सर्कल टाइम, ब्रेक टाइम, मुक्त खेल, कहानियां और निर्देशित खेल, गतिविधियां और अभ्यास-पुस्तिका पर कार्य, बाहरी खेल और गुडबाॅय सर्कल टाइम निर्धारित किया जाएगा।
बालवाटिका थ्री में बच्चों का शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक विकास, भाषा और साक्षरता विकास व सौंदर्य बोध और सांस्कृतिक विकास करना है। प्रोजेक्ट के तहत पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों का आकलन भी किया जाएगा, ताकि उनके पढ़ाई के स्तर का भी पता चल सके।
राजेश वशिष्ठ एफ एलएन जिला कोऑर्डिनेटर जींद।