02जेएनडी29: एसएनसीयू वार्ड। संवाद
नरवाना। नागरिक अस्पताल में अगस्त 2024 में शुरू की गई स्पेशल न्यूबॉर्न यूनिट (एसएनसीयू) क्षेत्र के नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यूनिट शुरू होने के बाद शहर के अलावा गांवों से आने वाले नवजातों को यहां प्राथमिक उपचार आसानी से मिल रहा है। पहले गंभीर स्थिति वाले शिशुओं को तुरंत रेफर करना पड़ता था लेकिन अब प्राथमिक देखभाल भी यहीं उपलब्ध हो पा रही है।
वहीं, यूनिट के संचालन को डेढ़ वर्ष होने के बाद भी सबसे बड़ी समस्या बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) की नियुक्ति न होना है। विशेषज्ञ डॉक्टर के बिना यूनिट का पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो पा रहा। अस्पताल स्टाफ भरसक कोशिश करता है कि नवजातों का प्राथमिक इलाज हो सके परंतु गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ की कमी सबसे बड़ा समस्या बनी हुई है।
यदि नवजात की हालत बिगड़ जाती है या किसी जटिल बीमारी के लक्षण नजर आते हैं तो बच्चे को जींद नागरिक अस्पताल, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज या अन्य बड़े संस्थानों में रेफर करना पड़ता है। कई बार रेफर के दौरान देरी की वजह से गंभीर नवजातों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है। अभिभावकों की चिंता दोगुनी हो जाती है।
शहरवासी विशाल, मनीष व रमेश ने बताया कि नरवाना शहर और 40 से अधिक गांवों की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर है। कहा कि सरकार ने स्पेशल न्यूबॉर्न यूनिट की सुविधा तो शुरू कर दी लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के कारण पूरा लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा है। शहरवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बाल रोग विशेषज्ञ की पोस्ट को जल्द भरा जाए ताकि नवजात शिशुओं को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति जल्द की जाएगी
जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन कोहली ने बताया कि नागरिक अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय की ओर से की जाती है। यदि कोई विशेषज्ञ डॉक्टर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से सेवाएं देना चाहता है तो विभाग द्वारा वॉक-इन इंटरव्यू की व्यवस्था जारी है। इच्छुक विशेषज्ञ डॉक्टर इंटरव्यू देकर अस्पताल में सेवा प्रारंभ कर सकते हैं। अस्पतालों की न्यूबॉर्न यूनिट में विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति जल्द की जाएगी जिससे लोगों को राहत मिलेगी।