शहीद गोबिंद के पार्थिव शरीर को कंधा देते उनके भाई और अन्य। संवाद
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जम्मू-कश्मीर में तैनात नरवाना निवासी 26 वर्षीय जवान गोबिंद शहीद हो गए। रविवार को जवान के पार्थिव शरीर को नरवाना लाया गया। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कैनाल रोड स्थित श्मशानघाट में किया गया। सेना के जवानों द्वारा गॉर्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई। अंतिम संस्कार में बटालियन के जवानों समेत नायब तहसीलदार विरेंद्र कुमार व शहर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह समेत सैकड़ों लोग शामिल होकर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार में लोगों ने गोबिंद अमर रहे के नारे लगाए। देशभक्ति गीतों व तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर हर कोई शहीद को सलामी दे रहा था। भाई रोहताश ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
जानकारी के लिए नरवाना के हरी नगर निवासी 26 वर्षीय जवान गोबिंद जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी पर तैनात थे। कुछ दिन पहले ठंड की चपेट में आने के बाद बीमार हो गए थे। शुक्रवार शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को उनका पार्थिव शरीर नरवाना लाया गया। शहीद की सूचना मिलते गोबिंद के घर पर लोगों का तांता लग गया। रविवार सुबह साढ़े आठ बजे सेना के जवान तिरंगे में लिपटा हुआ पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे। शव को लेकर पहुंचे सूबेदार दलबीर सिंह ने कहा कि फौजी गोबिंद जम्मू में नौशेरा सेक्टर के वन सिख लाई बटालियन में तैनात था। वहां पर सर्दी बहुत ज्यादा पड़ती है। सर्दी की वजह से गोबिंद बीमार हो गए थे। बीमार होने के कारण गोबिंद को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां पर उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्होंने कहा कि राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। जवान अपने पीछे पत्नी सुमन व एक साल की बेटी रिद्धि को छोड़ गया है। पिता जगदीश व माता बोहती को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि उनका बेटा अब नहीं लौटेगा। शहर की कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीदा गोबिंद को श्रद्धांजलि देते सेना के जवान। संवाद - फोटो : Jind
शहीद गोबिंद का फाइल फोटो। संवाद- फोटो : Jind